फ़िल्म निर्माता पा. रञ्जीथ के नेतृत्व में नीलम स्टूडेंट्स मूवमेंट ने राजारथिनम स्टेडियम में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया, राष्ट्रीय पात्रता‑सह‑प्रवेश परीक्षा (NEET) को रद्द करने और शिक्षा सुधार की मांग की। यह आंदोलन दिल्ली की हड़ताल और अन्य छात्र समूहों के साथ तालमेल में है।
मुख्य बिंदु
- NEET को रद्द करने की मांग पर शहर भर में प्रदर्शन तेज़ हुए।
- पा. रञ्जीथ की नीलम स्टूडेंट्स मूवमेंट ने राजारथिनम स्टेडियम में मुख्य रैली आयोजित की।
- केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पदत्याग की भी मांग की गई।
प्रदर्शन की विस्तृत झलक
गुरुबार को तमिलनाडु के कोक्रोच जनता पार्टी (CJP) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISA) ने सीपीआई राज्य मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन किया, जबकि नीलम स्टूडेंट्स मूवमेंट ने राजारथिनम स्टेडियम में बड़े पैमाने पर रैली की। इस रैली में अभिनेता रेवाथी, फिल्म निर्माता वेत्रिमारन और कई बॉलीवुड‑सिल्वर स्क्रीन सितारों ने भाग लिया।
दिल्ली के साथ एकजुटता
यह प्रदर्शन दिल्ली में सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के समर्थन में भी किया गया, जहाँ छात्रों पर पुलिस की क्रूरता की व्यापक आलोचना हुई। तमिलनाडु ने 2017 से NEET के विरोध में आवाज़ उठाई है और राज्य को इस परीक्षा से मुक्त करने के लिए एक विधेयक भी पारित किया है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that a coordinated nationwide movement against NEET could pressure the central government to reconsider its medical‑entrance policy, potentially reshaping India’s higher‑education landscape.
"NEET का निरसन केवल परीक्षा को नहीं, बल्कि सामाजिक समानता को भी सशक्त करेगा," कहा शैक्षणिक विशेषज्ञ डॉ. अनीता राव।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: NEET प्रतिबंध की मांग का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: छात्रों का मानना है कि NEET आर्थिक और सामाजिक असमानताओं को बढ़ाता है, जिससे कई योग्य उम्मीदवार प्रतिस्पर्धा से बाहर रह जाते हैं।
प्रश्न 2: आंदोलन के प्रमुख नेता कौन हैं?
उत्तर: फिल्म निर्माता पा. रञ्जीथ, अभिनेता रेवाथी और निर्देशक वेत्रिमारन प्रमुख चेहरा हैं।