जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने संघ स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के एसएसबी पेपर लीक के दावे को खारिज कर 2022 का सही वर्ष बताया और जंतर mantar में छात्रों के साथ सरकार के संवाद की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री की फास्ट‑ट्रैक कोर्ट प्रस्ताव की सराहना की, परन्तु बल प्रयोग के बजाय संवाद को प्राथमिकता देने पर ज़ोर दिया।

मुख्य बिंदु

  • ओमर अब्दुल्ला ने नड्डा के दावे में वर्ष की त्रुटि सुधार दी।
  • केंद्रीय सरकार से जंतर मंतर में प्रदर्शनकारियों से संवाद करने का आग्रह किया।
  • बदलाव की दिशा में संवाद को बल प्रयोग पर प्राथमिकता दी गई।

मुख्य बयान

जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने बुधवार को अपने X पोस्ट में संघ स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा के एसएसबी पेपर लीक के बयान को चुनौती दी। उन्होंने कहा, “आप एसएसबी पेपर लीक के बारे में बिल्कुल सही हैं, लेकिन आप तारीख गलत बता रहे हैं। यह 2022 में हुआ था, जब सरकार का नेतृत्व लेफ्टेनेंट गवर्नर कर रहा था।”

नड्डा के पहले के बयान

नड्डा ने 22 जुलाई को एक भाषण में जम्मू‑कश्मीर सरकार को इस लीक की जिम्मेदारी दी थी और कहा था कि “जांच पहले ही सीबीआई के पास चल चुकी है।” अब्दुल्ला ने इस बात को खारिज कर कहा कि हाई कोर्ट की टिप्पणियों और आदेशों के आधार पर यह मामला पहले ही हाई‑लेवल कमेटी के पास था, जिसका रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुआ।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

2022 में एसएसबी पेपर लीक की पुष्टि लेफ्टेनेंट गवर्नर के शासनकाल में हुई थी। उस समय कई उम्मीदवारों ने समान प्रश्नपत्रों की रिपोर्ट की थी, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठे थे। इस घटना ने उच्च न्यायालय को हस्तक्षेप करने और एक विशेष जांच समिति बनाने के लिए प्रेरित किया था।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that Abdullah’s correction shifts the political focus from blaming a previous administration to demanding immediate engagement with youth dissent, a move that could influence the Centre’s approach to federal‑state negotiations ahead of the 2027 elections.

“वास्तविक तथ्य पर आधारित संवाद ही इस तरह की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं को स्थायी समाधान की ओर ले जा सकता है,” राजनीतिक विश्लेषक डॉ. रवीश कुमार ने कहा।
Did You Know?: एसएसबी पेपर लीक की पहली रिपोर्ट 2019 में आई थी, लेकिन 2022 में बड़े पैमाने पर खुलासा हुआ, जिससे सुप्रीम कोर्ट ने भी हस्तक्षेप किया।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: एसएसबी पेपर लीक का सही वर्ष क्या था?
उत्तर: यह 2022 में हुआ था, जैसा कि ओमर अब्दुल्ला ने पुष्टि की।

प्रश्न 2: केंद्र ने अब तक इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
उत्तर: अभी तक कोई आधिकारिक संवाद नहीं हुआ है, लेकिन प्रधानमंत्री ने फास्ट‑ट्रैक कोर्ट की घोषणा की है।