राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यूरोप की अपनी तीन‑देशीय यात्रा के अंतिम चरण में रोमानिया पहुंचकर व्यापार‑पर्यटन सहयोग को गहरा किया। साथ ही विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आतंकवाद के खिलाफ ‘शून्य सहनशीलता’ का सख़्त संदेश दिया।
मुख्य बिंदु
- मुर्मू की यात्रा रोमानिया में व्यापार‑पर्यटन समझौते को सुदृढ़ करेगी।
- जयशंकर ने अंतर‑राष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद पर शून्य सहनशीलता की पुकार की।
- भारत ने यूएन में पाकिस्तान के आतंकवाद समर्थन के आरोपों का कड़ा जवाब दिया।
मुख्य यात्रा विवरण
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को बुखारेस्ट में औपचारिक स्वागत समारोह के बाद द्विपक्षीय व्यापार, पर्यटन और विज्ञान‑प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग को विस्तारित करने के लिए कई समझौते किए। यह यात्रा यूरोप में इटली और फ्रांस के बाद अंतिम पड़ाव है।
जायशंकर का आतंकवाद विरोधी संदेश
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एशिया‑पैसिफिक क्षेत्र में आयोजित ASEAN क्षेत्रीय मंच में कहा कि आतंकवाद के प्रति ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति भारत की विदेश नीति की रीढ़ है और जलमार्गों की सुरक्षा अनिवार्य है। उन्होंने पश्चिमी एशिया के संघर्ष को सुलझाने में संवाद व कूटनीति की आवश्यकता पर बल दिया।
संयुक्त राष्ट्र में भारत‑पाकिस्तान टकराव
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने पाकिस्तान के ‘क्रॉस‑बॉर्डर आतंकवाद’ के दावों को खारिज किया और कहा कि इंडस जल संधि के तहत सहयोग तब तक नहीं हो सकता जब तक इस तरह की नीतियां न हों। भारत ने कश्मीर को अपने अभिन्न हिस्से के रूप में दोहराया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत‑रोमानिया संबंध 1950 के दशक से जारी हैं, लेकिन 1990 के बाद दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को गहरा किया है। 2010 में दोनो देशों ने ‘रणनीतिक भागीदारी’ समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे व्यापार में 30 % की वार्षिक वृद्धि हुई।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that strengthening Indo‑Romanian ties not only opens new markets for Indian SMEs but also creates a strategic foothold in Eastern Europe, counterbalancing China’s growing influence in the region.
"रोमानिया के साथ गहरा सहयोग भारत की यूरोपीय नीति को बहु‑ध्रुवीय बनाता है," विदेश नीति विशेषज्ञ प्रो. अजय सिंह ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: इस यात्रा से भारत‑रोमानिया व्यापार में कौन‑से प्रमुख क्षेत्रों में वृद्धि की उम्मीद है?
उत्तर: सूचना प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा।
प्रश्न 2: आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहनशीलता नीति का वैश्विक प्रभाव क्या होगा?
उत्तर: यह नीति अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा को सुदृढ़ करेगी और आतंकवादी संगठनों को राजनयिक दबाव का सामना करना पड़ेगा।