वेल्लोर के बाहरी इलाके में स्थित आलेरी टील की दूरस्थ जनजातीय बस्तियों को अब पहली बार बिटुमेन सड़क मिलने वाली है। 35 वर्षीय जनजातीय व्यक्ति के सांप के काटने से हुई मृत्यु ने इस परियोजना को तेज़ किया।
मुख्य बिंदु
- बिटुमेन सड़क का प्रस्ताव 2023 में शुरू हुआ
- सांप के काटने से 35 वर्षीय जनजातीय व्यक्ति की मृत्यु ने कार्रवाई तेज़ की
- निर्माण अवधि 6 महीने, अनुमानित लागत ₹17 करोड़
जवाधु पहाड़ियों के हिस्से में स्थित आलेरी टील पर स्थित दूरस्थ जनजातीय बस्तियों को आजादी के बाद पहली बार बिटुमेन सड़क मिलने वाली है। जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (DRDA) ने राज्य सरकार के भूमि प्रशासन आयोग को प्रस्ताव भेजा है, जिससे कार्य शुरू हो सके।
यह प्रस्ताव 2023 में तैयार किया गया था, जब 35 वर्षीय जनजातीय व्यक्ति को सांप ने काटा और पहाड़ी से नीचे ले जाने के दौरान पैदल ले जाने पर वह अस्पताल पहुँचने से पहले ही निधन हो गया। इस दुखद घटना ने बस्ती को तत्काल सड़क कनेक्शन की आवश्यकता को उजागर किया।
जिला कलेक्टर पी.एस. लीला एलेक्स, जिला स्वास्थ्य अधिकारी एम. विजय चंद्रन और DRDA के अधिकारी स्थल निरीक्षण के लिए आए। एक स्थानीय निवासी बी. सदायन ने कहा, “बारिश के मौसम में पहाड़ी बस्तियों को तल के शहर से अलग कर दिया जाता है, लोग रोगियों को पैदल ही ले जाते हैं। स्थायी बिटुमेन सड़क से यह कष्ट समाप्त होगा।”
योजना के अनुसार नई सड़क वरडालम्पट्टु और नेली माराकोल्लाई गांवों को जोड़ती हुई लगभग 8 किमी लंबी होगी, जिसमें से 5 किमी आलेरी रिज़र्व फॉरेस्ट में स्थित है। सड़क की न्यूनतम चौड़ाई पाँच मीटर होगी और 15 क्यूलर्ट्स बनाकर मानसून के दौरान जल निकासी सुनिश्चित की जाएगी।
कुल लागत लगभग ₹17 करोड़ अनुमानित है और काम छह महीने में पूरा हो सकता है। वन विभाग ने तीन हेक्टेयर फॉरेस्ट भूमि को ₹1.3 करोड़ मुआवजे के साथ अधिग्रहित किया है, और अतिरिक्त छह हेक्टेयर वैकल्पिक भूमि भी तैयार की गई है। वर्तमान में बस्तियों में केवल एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय, किराए के इमारत में पीडीएस आउटलेट और एक बाइक एम्बुलेंस उपलब्ध है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
जवाधु पहाड़ियों में जनजातीय समुदायों का निवास कई दशकों से रहा है, परंतु स्वतंत्रता के बाद से यहाँ सड़कों का अभाव रहा है, जिससे स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सेवाओं तक पहुंच कठिन हो गई थी।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि बुनियादी ढांचे में सुधार न केवल आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को तेज़ करेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ करेगा, जिससे जनजातीय लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा।
“बिटुमेन सड़क का निर्माण इस क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण चालक होगा,” कहा ट्रांसपोर्ट विशेषज्ञ डॉ. राकेश कुमार ने।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- नया रोड कब तक पूरा होगा? अनुमानित समय‑सीमा के अनुसार, कार्य दो महीने में शुरू होकर छह महीने में समाप्त हो जाएगा।
- क्या वन संरक्षण को नुकसान होगा? वन विभाग ने 3 हेक्टेयर भूमि का उचित मुआवजा दिया है और अतिरिक्त 6 हेक्टेयर वैकल्पिक भूमि प्रदान की है, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव कम रहेगा।