कांग्रेस अध्यक्ष मालिकरजुन खड़गे ने असम में बाढ़ की तबाही के बाद केंद्र और राज्य सरकारों से त्वरित राहत, बचाव और पुनर्वास के लिए सभी संसाधनों को जुटाने की मांग की। उन्होंने बीजेपी की ‘बाढ़‑मुक्त असम’ की प्रतिज्ञा को भी चुनौती दी।
मुख्य बिंदु
- असम में 68 मौतें और 10 लाख लोग प्रभावित
- खड़गे ने बीजेपी की बाढ़‑मुक्त असम वादा पर सवाल उठाए
- केन्द्र और राज्य से त्वरित राहत और पुनर्वास की अपील
खड़गे का बयान
कांग्रेस अध्यक्ष मालिकरजुन खड़गे ने 27 जुलाई को अपने X पोस्ट में कहा कि असम में लगातार बाढ़ों ने 68 लोगों की जान ले ली और 25 जिलों में लगभग 10 लाख लोगों को प्रभावित किया। उन्होंने केंद्र और असम सरकारों से सभी उपलब्ध संसाधनों को बचाव, राहत और पुनर्वास के लिए तुरंत तैनात करने का आग्रह किया।
भाजपा के वादे पर सवाल
खड़गे ने बताया कि 2016 के असम विज़न दस्तावेज़ में बीजेपी ने “बाढ़‑मुक्त असम” का स्थायी समाधान देने का वादा किया था। 2021 विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री अमित शाह ने भी पाँच साल में असम को बाढ़‑मुक्त बनाने का आश्वासन दिया था। अब दो दशक बाद भी वही समस्या बनी हुई है, जिससे खड़गे ने पूछा, “दस साल के भाजपा शासन में ये वादे कहाँ गए?”
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
असम में बाढ़ का इतिहास सदियों पुराना है। ब्रह्मपुत्र नदी की वार्षिक बाढ़ें 1950 के बाद से ही व्यापक क्षति पहुंचाती आ रही हैं। 1972, 1998 और 2008 में भी बड़ी बाढ़ें आई थीं, लेकिन कोई स्थायी जल प्रबंधन योजना नहीं बन पाई।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि लगातार बाढ़ न केवल मानवीय संकट पैदा करती हैं, बल्कि असम की आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय राजनीति पर भी गहरा असर डालती हैं। भाजपा के ‘बाढ़‑मुक्त’ वादे की असफलता से विरोधी दलों को राजनीतिक लाभ मिल रहा है, जबकि नागरिकों को दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
"स्थायी बाढ़‑प्रबंधन के बिना असम में आर्थिक विकास असंभव है," जलवायु विशेषज्ञ डॉ. रेणु शर्मा ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: केंद्र सरकार ने असम की बाढ़ राहत के लिए कौन से कदम उठाए हैं?
उत्तर: केंद्र ने PM‑CARES फंड से तत्काल सहायता जारी करने का प्रस्ताव रखा है, लेकिन अभी तक पूर्ण राशि नहीं निकाली गई है।
प्रश्न 2: असम में बाढ़‑रोकथाम के लिए कौन सी दीर्घकालिक योजनाएँ प्रस्तावित हैं?
उत्तर: विशेषज्ञों ने आधुनिक चेतावनी प्रणाली, नियमित रूप से रखरखाव किए जाने वाले बांध, दलदल पुनर्स्थापन और जल‑आधारित बुनियादी ढाँचे की सिफारिश की है।