बिहार शिक्षा भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के प्रमुख शंकित डॉ. मनीष कुमार को आर्थिक अपराध इकाई ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें प्रश्नपत्र के सीलबंद बक्से को खोलने व पुनः सील करने का विशेषज्ञ माना जाता था और 30 उम्मीदवारों से लगभग 1.20 करोड़ रुपये वसूले जाने का आरोप है। यह कार्रवाई पेपर लीक के खिलाफ सरकारी रुख को सुदृढ़ करती है।
मुख्य बिंदु
- डॉ. मनीष कुमार को गिरफ्तार किया गया
- प्रश्नपत्र के सीलबंद बक्से को खोलने व दोबारा सील करने में विशेषज्ञता
- 30 अभ्यर्थियों से लगभग 1.20 करोड़ रुपये की वसूली का आरोप
पटना स्थित आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बृहस्पतिवार को डॉ. मनीष कुमार को गिरफ्तार किया, जो बिहार शिक्षक पुनःस्थापना (BPSC) परीक्षा में पेपर लीक कांड के प्रमुख शंकित थे। जांच के अनुसार, उन्होंने और उनके सहयोगियों ने TRE परीक्षा के प्रश्नपत्र को सीलबंद बक्से से निकाल कर दोबारा सील कर दिया, जिससे 30 उम्मीदवारों को अनुचित लाभ मिला।
डॉ. मनीष, पहले सरकारी डॉक्टर थे, लेकिन नौकरी छोड़ कर पटना में NEET‑PG की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने अपने सहयोगियों डॉ. शिव और डॉ. शुभम के साथ मिलकर एक जालसाज़ गिरोह चलाया, जिसमें उम्मीदवारों से कुल 1.20 करोड़ रुपये तक वसूले गए।
स्थानीय पुलिस ने 14 मार्च 2024 को कोहिनूर होटल में छापेमारी की, जहाँ आरोपियों ने प्रश्नपत्रों का आदान‑प्रदान किया था। हालांकि, मनीष ने उस समय भागने की कोशिश की, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों ने उन्हें पहचाना। इस कांड में अब तक 296 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this high‑profile arrest sends a clear deterrent message to other paper‑leak networks operating across India, reinforcing the government's commitment to safeguard the integrity of competitive exams.
"यह गिरफ्तारी परीक्षा लीक नेटवर्क को कड़ा चेतावनी देती है और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए कड़ी निगरानी की आवश्यकता को उजागर करती है," वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा।
Frequently Asked Questions
Q1: डॉ. मनीष पर कौन‑से आरोप लगे हैं?
A1: उन्हें भारतीय दंड संहिता के धोखाधड़ी, साजिश और आर्थिक अपराध अधिनियम के तहत आरोपित किया गया है।
Q2: बीपीएससी TRE पेपर लीक मामले में अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
A2: अब तक कुल 296 व्यक्तियों को इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।