सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जंतर मंतरण में भीड़ नियंत्रण के दौरान ग्रेडेड बल प्रयोग के स्टैंडिंग ऑर्डर को औपचारिक रूप से दर्ज करने का निर्देश दिया, जिससे पेलेट गन के उपयोग की वैधता पर सवाल उठे।

मुख्य बिंदु

  • SC ने दिल्ली पुलिस को ग्रेडेड बल प्रयोग आदेश दर्ज करने को कहा
  • पेटिशनर ने पेलेट गन के उपयोग की वैधता पर चुनौती दी
  • लेडी हार्डिंजे मेडिकल कॉलेज को घायल लोगों के इलाज की निगरानी का आदेश

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस को एक आधिकारिक स्टैंडिंग ऑर्डर प्रस्तुत करने का आदेश दिया, जिसमें भीड़ नियंत्रण के दौरान ग्रेडेड उपयोग‑ऑफ़‑फ़ोर्स की रूप‑रेखा हो। यह आदेश जंतर मंतरण में हुए पेलेट गोली के विवाद के संदर्भ में आया।

पेटिशनर की दलीलें

पेटिशनरों ने तर्क दिया कि मौजूदा आदेशों में धातु पेलेट गन के प्रयोग की अनुमति नहीं है, और उन्होंने न्यायिक जांच की माँग की। उन्होंने कहा कि ऐसी शक्ति का प्रयोग असंवेदनशील और असमान्य है, विशेषकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that इस निर्णय से भविष्य में पुलिस द्वारा भीड़ प्रबंधन के तरीकों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी, जिससे नागरिक अधिकारों की रक्षा को मजबूती मिलेगी।

"ग्रेडेड बल प्रयोग का स्पष्ट दस्तावेज़ पुलिस और जनता के बीच विश्वास को पुनर्स्थापित कर सकता है," कहा सुरक्षा विशेषज्ञ रवि शंकर।

संबंधित चिकित्सा आदेश

न्यायालय ने लेडी हार्डिंजे मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को निर्देश दिया कि पेलेट गोली से घायल सभी व्यक्तियों को आवश्यक चिकित्सा उपचार प्रदान किया जाए। यह आदेश पीड़ितों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ को सुनिश्चित करता है।

क्या आप जानते हैं?: 2019 में जंतर मंतरण में पहली बार पेलेट गन का व्यापक उपयोग किया गया था, जिससे कई गंभीर चोटें आईं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: ग्रेडेड बल प्रयोग स्टैंडिंग ऑर्डर क्या है?

उत्तर: यह एक आधिकारिक निर्देश है जो पुलिस को विभिन्न स्थितियों में बल प्रयोग की सीमा तय करता है, ताकि अत्यधिक बल के उपयोग से बचा जा सके।

प्रश्न 2: इस आदेश का प्रभाव कब तक रहेगा?

उत्तर: आदेश के अनुसार पुलिस को लगातार इस नियम को रिकॉर्ड और लागू करना होगा, जब तक कोर्ट द्वारा कोई नई दिशा-निर्देश नहीं दिया जाता।