तीन NSUI कार्यकर्ता विजयपाल कूड़ी, विज़ोना जाट और कोशेन खान ने छात्र संघ चुनाव की पुनर्स्थापना की मांग में जल टैंक पर अनिश्चित भूख हड़ताल शुरू की। उन्होंने बताया कि अब केवल पानी ही पीएँगे और सरकार से ठोस आश्वासन की माँग करेंगे।

मुख्य बिंदु

  • तीन NSUI कार्यकर्ता जल टैंक पर हड़ताल
  • अनिश्चित काल तक भूख हड़ताल की घोषणा
  • छात्र संघ चुनाव की तुरंत पुनर्स्थापना मांग

जुलाई 30, 2026 को सुबह 8 बजे, जयपुर के टोंक फाटक पुल के पास स्थित जल टैंक के ऊपर तीन NSUI कार्यकर्ता—विजयपाल कूड़ी, विज़ोना जाट और कोशेन खान—चढ़े और छात्र संघ चुनावों की पुनर्स्थापना की माँग में हड़ताल शुरू की। उन्होंने बताया कि उनके पास केवल पाँच लीटर पानी है और अब वे केवल पानी पीते रहेंगे।

विजयपाल कूड़ी ने कहा, "हमने कुछ भोजन और रस्सी साथ रखी थी ताकि नीचे से भोजन लाया जा सके, लेकिन अब हमने अनिश्चित भूख हड़ताल की घोषणा कर दी है और केवल पानी ही लेंगे।" उन्होंने यह भी बताया कि पिछले रात एक पुलिस अधिकारी ने उनसे बात की और उपमुख्य मंत्री से मुलाकात की व्यवस्था का आश्वासन दिया।

कार्यकर्ता का कहना है कि जब तक सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्ट और ठोस कदम नहीं मिलते, तब तक वे नीचे नहीं उतरेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कल से शौचालय का उपयोग नहीं किया है और यह एक बड़ी चुनौती है, पर वे अभी नियंत्रण में हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

राजस्थान में छात्र संघ चुनाव कई सालों से निलंबित रहे हैं, जिससे युवा वर्ग में असंतोष बढ़ा है। पिछले वर्ष जंतर mantar पर हुई पुलिस की लाठी चार्ज ने भी इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया। इस प्रकार की हड़तालें पहले भी विभिन्न राज्यों में देखी गई हैं, जहाँ छात्र समूह सरकार को चुनावों को फिर से शुरू करने के लिए दबाव बनाते हैं।

क्यों यह महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि इस प्रकार की हड़तालें न केवल स्थानीय राजनीति को प्रभावित करती हैं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी छात्र आंदोलन की ताकत को उजागर करती हैं। यदि सरकार ने जल्द ही स्पष्ट कार्रवाई नहीं की, तो यह अन्य राजकीय विश्वविद्यालयों में समान विरोध को प्रेरित कर सकता है।

"छात्र संघ चुनावों की पुनर्स्थापना लोकतांत्रिक अधिकारों की गारंटी है और इससे शैक्षिक संस्थानों में आत्मविश्वास बढ़ता है," प्रो. अंजली गुप्ता, राजनीति विज्ञान विशेषज्ञ ने कहा।
क्या आप जानते हैं?: भारत में सबसे पहली छात्र संघ चुनाव 1920 के दशक में दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित हुए थे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  1. हड़ताल कब तक चल सकती है?
    वर्तमान में कोई निश्चित समय सीमा नहीं बताई गई है; यह सरकार की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।
  2. क्या पुलिस ने हड़ताल को तोड़ने की कोशिश की?
    पुलिस ने संवाद स्थापित करने की कोशिश की है और कार्यकर्ताओं को नीचे आने के लिए मनाने का प्रयास जारी है।