मई से शुरू हुए इस वर्ष के कैलाश परिक्रमा में लगभग 24,000 श्रद्धालु चीन के तिब्बत में स्थित पवित्र पर्वत पर पहुँचे हैं। यह संख्या पिछले साल के 20,750 से बढ़ी है, क्योंकि पाँच साल बाद भारतीय यात्रियों को फिर से अनुमति मिली। यह तीर्थ यात्रा सितंबर तक जारी रहेगी।

मुख्य बिंदु

  • अब तक 24,000 से अधिक यात्रियों ने कैलाश परिक्रमा पूरी की
  • परिक्रमा का मौसम मई से सितंबर तक चल रहा है
  • पिछले वर्ष की तुलना में 3,250 अधिक श्रद्धालु

हिमालय की ऊँचाई, बर्फीले रास्ते और सीमित बुनियादी सुविधाओं के बावजूद, इस साल 24,000 से अधिक भारतीय और अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं ने चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में स्थित पवित्र कैलाश पर्वत की परिक्रमा की। यह यात्रा हर साल हजारों लोगों को आध्यात्मिक शांति और शारीरिक चुनौती दोनों प्रदान करती है।

2021 में पाँच‑साल के प्रतिबंध के बाद इस तीर्थ यात्रा को फिर से खोलने के बाद, पिछले वर्ष 20,750 यात्रियों ने इस पवित्र स्थल की यात्रा की थी। इस वर्ष के आंकड़े 24,000 तक पहुँचकर लगभग 15% की वृद्धि दर्शाते हैं, जो दर्शकों की बढ़ती दिलचस्पी और बेहतर सीमा‑नियंत्रण को दर्शाता है।

परिक्रमा में भाग लेने वाले यात्रियों को 5,800 मीटर की ऊँचाई, अचानक बदलते मौसम और सीमित स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई यात्रियों ने कहा कि शारीरिक थकान के बावजूद, कैलाश की आध्यात्मिक ऊर्जा ने उन्हें निरंतर आगे बढ़ाया।

Historical Background

कैलाश पर्वत को हिंदू, बौद्ध, जैन और बग़ी सभी धर्मों में पवित्र माना जाता है। माना जाता है कि यहाँ परिक्रमा करने से सभी पापों का नाश हो जाता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस परिक्रमा को ‘पर्यटक यात्रा’ कहा जाता है और यह पाँच दिनों में पूरी की जाती है, जिसमें चारों ओर चारों दिशाओं में एक पूर्ण चक्र बनाना शामिल है।

"कैलाश परिक्रमा न केवल आध्यात्मिक शुद्धिकरण की यात्रा है, बल्कि यह हिमालयीय पारिस्थितिकी तंत्र का सम्मान करने का अवसर भी है," कहते हैं पर्वत विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. अनिल शर्मा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that बढ़ती संख्या में श्रद्धालु आर्थिक रूप से स्थानीय तिब्बती समुदायों को समर्थन दे रहे हैं, जबकि पर्यावरणीय दबाव भी बढ़ रहा है। यह संतुलन बनाए रखना नीति निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बन गया है।

Did You Know?: कैलाश परिक्रमा केवल एक बार ही नहीं, बल्कि जीवन में कई बार दोहराई जा सकती है, और प्रत्येक बार इसे अलग‑अलग आध्यात्मिक लाभ माना जाता है।

Frequently Asked Questions

Q1: कैलाश परिक्रमा करने के लिए किन दस्तावेज़ों की जरूरत होती है?
A: भारतीय नागरिकों को वैध पासपोर्ट, चीन वीज़ा, और तिब्बत यात्रा अनुमति (TTO) आवश्यक होती है।

Q2: इस यात्रा में कितने दिन लगते हैं?
A: सामान्यतः पूरी परिक्रमा को चार से पाँच दिन लगते हैं, लेकिन मौसम और व्यक्तिगत स्वास्थ्य के आधार पर समय बदल सकता है।