हैदराबाद स्थित DSR ग्रुप ने ₹13.40 करोड़ का CSR निवेश करके नेलोर के मलापेट में डेविरेड्डी सरदाः सरकारी उच्च विद्यालय का नवीनीकरण किया। 24 कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और खेल के मैदानों से सुसज्जित यह स्कूल शिक्षा को नई दिशा देता है।
- ₹13.40 करोड़ के CSR निवेश से स्कूल का पूर्ण पुनर्निर्माण
- 24 कक्षाएँ, 15 LED स्क्रीन, 300 बेंच और आधुनिक प्रयोगशालाएँ
- सरकार का लक्ष्य 15 सरकारी स्कूलों को अंतरराष्ट्रीय मानक पर लाना है
नेलोर के मलापेट में स्थित डेविरेड्डी सरदाः सरकारी उच्च विद्यालय का भव्य उद्घाटन 16 सितंबर को हुआ, जिसे हैदराबाद स्थित रियल एस्टेट कंपनी DSR ग्रुप ने अपने CSR फंड से ₹13.40 करोड़ के निवेश के साथ नवीनीकृत किया।
पहले जब यह स्कूल उपेक्षा के कारण ध्वस्त अवस्था में था, तब इसे आधुनिक शैक्षिक संस्थान में बदला गया है। स्कूल में 24 कक्षाएँ, प्रयोगशाला, खेल के मैदान, पुस्तकालय और विश्व-स्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
नगर प्रशासन और शहरी नियोजन मंत्री पोंगुरु नारायण ने पहले चिन्ना बाज़ार में VRC सरकारी उच्च विद्यालय को अंतरराष्ट्रीय मानक पर उन्नत किया था। इसी दिशा में उन्होंने मलापेट की लड़कियों के उच्च विद्यालय को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का निर्णय लिया।
इस पहल के तहत, DSR ग्रुप के प्रबंध निदेशक देविरेड्डी सुधाकर रेड्डी ने 13.40 करोड़ रुपये का योगदान दिया और स्कूल का नाम बदलकर डेविरेड्डी सरदाः सरकारी उच्च विद्यालय रखा गया।
सुविधाओं में 24 कक्षाएँ, 15 LED स्क्रीन, 300 बेंच, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, खगोल विज्ञान, भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के लिए विशेष प्रयोगशालाएँ शामिल हैं। साथ ही कला, संगीत और भाषा के लिए अलग कमरों के साथ पुस्तकालय, आधुनिक शौचालय और खेल के लिए बास्केटबॉल, पिकलबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी और खो-खो के कोर्ट भी उपलब्ध हैं।
मंत्री पोंगुरु नारायण ने कहा, "हम शहर के सरकारी स्कूलों को अंतरराष्ट्रीय मानक पर लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 15 सरकारी स्कूलों का आधुनिकीकरण और 15,000 गरीब छात्रों को गुणवत्ता शिक्षा देने का हमारा लक्ष्य है।"
Why This Matters
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, सरकारी स्कूलों का आधुनिकीकरण शिक्षा के समग्र मानक को बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक समावेशिता को भी सुदृढ़ करता है। यह पहल न केवल शैक्षिक बुनियादी ढांचे को सुधारती है, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए खेल और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी अवसर पैदा करती है।
"उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाएँ विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को बढ़ाती हैं और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करती हैं," कहते हैं शिक्षा विशेषज्ञ डॉ. रश्मि पांडे।
Frequently Asked Questions
1. क्या यह नया स्कूल केवल सरकारी छात्रों के लिए खुला है?
2. क्या भविष्य में अन्य सरकारी स्कूलों में भी इसी तरह के निवेश की योजना है?