मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंडियों के आधुनिकीकरण को दिल्ली सरकार की मुख्य प्राथमिकता बताया। घाज़ीपुर में पोल्ट्री मंडी और फूल मंडी सहित कई प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जबकि दान केंद्रों का नेटवर्क भी विस्तार कर रहा है।
मुख्य बातें
- मंडी आधुनिकीकरण दिल्ली सरकार की शीर्ष प्राथमिकता।
- घाज़ीपुर पोल्ट्री मंडी का 85% कार्य पूर्ण।
- पंजाबी बाग वेस्ट सहित 10 मेट्रो स्टेशनों पर दान केंद्र स्थापित।
मंडी विकास के प्रमुख प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कृषि बाजारों के पुनर्विकास पर एक समीक्षा बैठक का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं और मजबूत बुनियादी ढाँचे वाले मंडी व्यापार की दक्षता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएंगे।
घाज़ीपुर में लगभग 15 एकड़ पर स्थित पोल्ट्री मंडी का निर्माण मार्च 2019 में शुरू हुआ था और दिसंबर 2026 तक पूरा होने की योजना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में 85% कार्य पूरा हो चुका है, जिसमें 100 थोक व्यापारियों और 120 प्रोसेसिंग यूनिटों के लिए दुकानें होंगी।
इंटीग्रेटेड फ्रेट कॉम्प्लेक्स (IFC) घाज़ीपुर में प्रस्तावित फूल मंडी के लिए 10 एकड़ भूमि 2001 में दिल्ली विकास प्राधिकरण से अधिग्रहीत की गई थी। यह आधुनिक फूल मंडी चरणबद्ध तरीके से विकसित की जाएगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
दिल्ली में मंडियों का आधुनिकीकरण 2000 के दशक से चल रहा है, लेकिन पिछले पाँच वर्षों में निजी एवं सार्वजनिक निवेश में वृद्धि ने नई गति प्रदान की है। पहले के मंडी ढाँचे अक्सर बुनियादी सुविधाओं की कमी और अनियमितताओं से ग्रस्त थे, जिससे किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को नुकसान होता था।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that modernized mandis can boost agricultural trade margins by up to 15%, strengthen supply chain resilience, and create thousands of jobs in logistics and processing sectors.
"आधुनिकीकरण न केवल किसानों की आय बढ़ाएगा, बल्कि उपभोक्ता कीमतों को भी स्थिर रखेगा," कृषि विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: मंडी आधुनिकीकरण के तहत कौन-कौन सी नई सुविधाएँ आएँगी?
उत्तर: डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म, ठंडा भंडारण, स्वच्छ जल आपूर्ति और सुरक्षित परिवहन सुविधाएँ।
प्रश्न 2: दान केंद्रों के माध्यम से कितना कपड़ा एकत्र किया गया है?
उत्तर: पहली चरण में पाँच मेट्रो स्टेशनों में लगभग 2,500 किलोग्राम पुराना कपड़ा जमा किया गया है।