पूर्व मुख्यमंत्री एडाप्पाड़ी के. पालयनस्वामी ने तमिलगा वेट्री कज़हगम (TVK) के नेतृत्व वाले राज्य सरकार को कावेरी विवाद के ‘स्थायी समाधान’ को सुरक्षित न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अतीत में AIADMK या DMK सरकारों के दौरान सभी राजनीतिक दलों और किसान समूहों के साथ व्यापक परामर्श किया जाता था।
Key Takeaways
- पालयनस्वामी ने TVK सरकार की कावेरी समाधान में निष्क्रियता की आलोचना की।
- पहले AIADMK और DMK शासनों में सभी पक्षों के साथ परामर्श किया जाता था।
- वर्तमान सरकार के कदमों पर स्पष्ट जानकारी की कमी है।
AIADMK के महासचिव एडाप्पाड़ी के. पालयनस्वामी ने 3 अगस्त, 2026 को चिन्नामलई की प्रतिमा के सामने पत्रकारों से बात करते हुए TVK‑नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार की कावेरी विवाद में ‘स्थायी समाधान’ को सुरक्षित न रखने पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यह समाधान उनके कार्यकाल में हासिल किया गया था।
पालयनस्वामी ने यह भी याद दिलाया कि अतीत में चाहे AIADMK सरकार हो या DMK सरकार, कावेरी या मेकेडाटु मुद्दों पर सभी राजनीतिक दलों और किसान समूहों के साथ व्यापक परामर्श किया जाता था। वह वर्तमान सरकार की इस परामर्श प्रक्रिया की अनुपस्थिति को ‘सबसे कम चिंतित’ कह कर निंदा करते हैं।
कर्नाटक सरकार द्वारा आयोजित सभी‑पार्टी मीटिंग की तुलना करते हुए उन्होंने कहा, “वहाँ सरकार राजनीतिक और कृषि नेताओं का सम्मान करती है, पर यहाँ ऐसा कोई स्पष्ट संकेत नहीं है कि सरकार कार्य कर रही है या नहीं।” उन्होंने TVK‑शासन के तहत कावेरी समस्या पर उठाए गए कदमों के बारे में स्पष्ट जानकारी की कमी को उजागर किया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the political stalemate over water sharing could exacerbate farmer unrest in Tamil Nadu, potentially influencing upcoming state elections and inter‑state negotiations with Karnataka.
"Water disputes in South India are as much about politics as they are about resource management," says Dr. Ananya Rao, water policy expert.
Frequently Asked Questions
Q1: कावेरी विवाद में ‘स्थायी समाधान’ क्या है?
A: यह समाधान दोनों राज्यों के बीच जल वितरण को स्थायी रूप से तय करने के लिए कानूनी और प्रशासनिक उपायों को सम्मिलित करता है।
Q2: TVK सरकार इस मुद्दे को कैसे सुलझाने की योजना बना रही है?
A: वर्तमान में कोई स्पष्ट सार्वजनिक योजना नहीं है, और विपक्ष ने इस पर कई प्रश्न उठाए हैं।