स्वतंत्रता दिवस के पूर्व सुरक्षा बढ़ाने के लिए दिल्ली पुलिस ने eParikshan ऐप के ज़रिए लाल किले के रूट के साथ 14,000 घरों, दुकानों और कार्यालयों को डिजिटल रूप से स्कैन किया। इस डेटा को विशेष शाखा को अपराधी पृष्ठभूमि जांच के लिए भेजा जाएगा।

मुख्य बिंदु

  • eParikshan ऐप ने 14,000 परिसरों की पहचान की
  • डेटा को विशेष शाखा को अपराधी इतिहास के लिए भेजा जाएगा
  • ऐप ऑफ़लाइन काम करता है और GPS‑कोऑर्डिनेट रिकॉर्ड करता है

स्वतंत्रता दिवस के समारोहों के लिए लाल किले की यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु दिल्ली पुलिस ने eParikshan मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग किया। इस डिजिटल सर्वेक्षण में टिलक मार्ग से नेताजी सुभाष मार्ग तक के दोनों किनारों पर स्थित घरों, दुकानों और ऑफिसों की विस्तृत जानकारी एकत्र की गई।

सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि इस एप्लिकेशन के माध्यम से प्रत्येक परिसर को एक अनूठा परिसर पहचान संख्या (Premises Identification Number) दी गई और निवासी, किरायेदार, घरेलू सहायक तथा कर्मचारियों का नाम, जन्म तिथि, आधार संख्या, मोबाइल, पेशा आदि डेटा दर्ज किया गया।

ऐप में GPS कोऑर्डिनेट, सत्यापन का समय‑तारीख, रीयल‑टाइम फोटो और अधिकारी के टिप्पणी भी शामिल हैं। यह ऑफ़लाइन भी काम करता है और इंटरनेट उपलब्ध होने पर डेटा को क्लाउड में सिंक्रनाइज़ करता है, जिससे कागज़ी रिकॉर्ड की जगह एक खोज योग्य डिजिटल डेटाबेस बनता है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that digitising premises data not only accelerates background checks during high‑profile events but also creates a lasting intelligence asset for future investigations, reducing reliance on manual paperwork.

"डिजिटल सर्वेक्षण से तेज़ पहचान और अपराधी इतिहास की जाँच संभव होती है, जिससे बड़े सार्वजनिक समारोहों की सुरक्षा में बड़ा अंतर आता है," कहा सुरक्षा विश्लेषक अजय सिंह ने।
Did You Know?: eParikshan ऐप 2024 में पहली बार स्वतंत्रता दिवस के दौरान प्रयोग किया गया था और तब से कई शहरों में विस्तार हुआ है।

Frequently Asked Questions

  1. क्या eParikshan ऐप से एकत्रित डेटा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होगा? नहीं, यह डेटा केवल विशेष शाखा और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के उपयोग के लिए सुरक्षित रूप से संग्रहीत किया जाता है।
  2. ऐप का उपयोग कब तक जारी रहेगा? प्रारंभिक सर्वेक्षण स्वतंत्रता दिवस के बाद भी जारी रहेगा, विशेषकर मध्य जिले में विस्तार के साथ।