वित्त मंत्रालय ने UPI लेन‑देन पर MDR शुल्क दोबारा लागू करने की योजना का बिल लोकसभा में पेश किया। यह शुल्क 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर लगेगा, जिससे दैनिक खरीदारी पर असर पड़ सकता है।

मुख्य बिंदु

  • सरकार ने UPI भुगतान पर MDR शुल्क फिर से लागू करने का प्रस्ताव रखा
  • 2,000 रुपये से ऊपर के लेन‑देन पर अतिरिक्त शुल्क लगेगा
  • वित्त मंत्रालय ने पेमेंट एक्ट में संशोधन के लिए बिल प्रस्तुत किया

बिल का परिचय

भारत की वित्त मंत्रालय ने संशोधित पेमेंट एक्ट बिल को लोकसभा में पेश किया, जिसमें UPI (Unified Payments Interface) के माध्यम से 2,000 रुपये से अधिक के लेन‑देन पर Merchant Discount Rate (MDR) शुल्क लागू करने की धाराएँ शामिल हैं। यह कदम पिछले छह वर्षों में पहली बार है, जब 2020 में MDR शुल्क को हटाया गया था।

विवरण और प्रभाव

बिल के अनुसार, 2,000 रुपये से ऊपर के प्रत्येक UPI भुगतान पर 0.5% तक का MDR शुल्क लागू किया जा सकता है। इस शुल्क का बोझ मुख्यतः व्यापारियों पर पड़ेगा, जबकि ग्राहक को सीधे अतिरिक्त लागत का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि, दीर्घकालिक रूप से यह लागत उपभोक्ता मूल्यों में परिलक्षित हो सकती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

2020 में, सरकार ने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए UPI लेन‑देन से MDR शुल्क को हटाया था। तब से डिजिटल भुगतान में तेज़ी से वृद्धि हुई और भारत ने विश्व में सबसे बड़े UPI उपयोगकर्ता आधार में स्थान प्राप्त किया। अब फिर से इस शुल्क को पुनः लागू करने की पहल वित्तीय स्थिरता और राजस्व उत्पन्न करने की दिशा में देखी जा रही है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि MDR शुल्क का पुनः परिचय डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम में लागत‑प्रभावीता को चुनौती देगा और छोटे उद्यमियों की लाभप्रदता को प्रभावित कर सकता है। यह नीति परिवर्तन निवेशकों और नियामकों के बीच व्यापक चर्चा को प्रेरित करेगा।

"MDR शुल्क का पुनः लागू होना डिजिटल भुगतान की कीमत को बढ़ा सकता है, जिससे उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव आ सकता है," वित्तीय विशेषज्ञ डॉ. अनीता सिंह ने कहा।
क्या आपको पता है?: भारत में UPI लेन‑देन 2023 में 8 अरब से अधिक हो चुके हैं, जो वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक है।

Frequently Asked Questions

Q1: क्या यह शुल्क सभी UPI लेन‑देन पर लागू होगा?

A: नहीं, केवल 2,000 रुपये से ऊपर के लेन‑देन पर लागू होगा।

Q2: व्यापारियों को यह शुल्क कैसे वसूला जाएगा?

A: शुल्क सीधे व्यापारी के बैंक खाते से काटा जाएगा, ग्राहक को अलग से नहीं बताया जाएगा।