तेलंगाना के आईटी और उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा कि राज्य की बिजली पहले घरेलू, कृषि और औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने के बाद ही डेटा सेंटरों को दी जाएगी। उन्होंने डेटा सेंटर विस्तार के लिए विशेष कार्रवाई योजना और टियर‑II शहरों में आईटी हब स्थापित करने की योजना का उल्लेख किया।

  • डेटा सेंटर की बिजली केवल घरेलू, उद्योग और कृषि के बाद ही विचार की जाएगी।
  • राज्य ने डेटा सेंटर विस्तार के लिए विशेष कार्रवाई योजना शुरू की है।
  • निजामाबाद और आदिलाबाद जैसे टियर‑II शहरों में आईटी हब स्थापित करने की योजना।

मुख्य बिंदु

तेलंगाना के आईटी एवं उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने विधानसभा में कहा कि राज्य की बिजली आपूर्ति को पहले घरेलू उपभोक्ताओं, कृषि और उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करना चाहिए, उसके बाद ही डेटा सेंटरों की मांग को देखा जाएगा। यह बयान द हिंदू के रिपोर्ट के अनुसार 11 सितंबर, 2026 को दिया गया।

विधानसभा में सवाल‑जवाब

सिर्पूर विधायक पलवई हरिष बाबू ने प्रश्नकाल में डेटा सेंटरों की विद्युत आवश्यकता पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन में आईटी सेवाएँ अधिक महत्वपूर्ण हैं, न कि डेटा सेंटर। मंत्री ने इन चिंताओं को स्वीकार किया और कहा कि विस्तार के दौरान चुनौतियों से निपटने के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है।

विशेष कार्रवाई योजना

मंत्री के कार्यालय ने बताया कि डेटा सेंटरों को पर्याप्त शक्ति उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है, जिससे स्थानीय जरूरतों पर असर न पड़े। इस योजना में नवीनीकृत ऊर्जा स्रोतों का उपयोग, ग्रिड प्रबंधन तकनीक और समय‑सारिणी‑आधारित आपूर्ति शामिल है।

टियर‑II शहरों में आईटी हब की संभावना

विधायकों ने पूछा कि क्या डेटा सेंटर और आईटी कंपनियों को नजीमाबाद जैसे टियर‑II शहरों में स्थापित किया जाएगा, ताकि स्थानीय युवाओं को प्रवास न करना पड़े। मंत्री ने बताया कि राज्य विशेष नीतियों और प्रोत्साहनों के माध्यम से इन शहरों में आईटी हब स्थापित करने पर विचार कर रहा है।

उच्च‑मूल्य वाले उत्पादों का लक्ष्य

मंत्री ने कहा कि जबकि विश्व के अन्य हिस्सों में उच्च‑मूल्य वाले उत्पाद बन रहे हैं, तेलंगाना के कुशल सॉफ्टवेयर इंजीनियरों ने कई वर्षों तक बैक‑ऑफ़िस कार्य संभाला है। उन्होंने घोषणा की कि अब हैदराबाद और आदिलाबाद, नजीमाबाद जैसे शहरों में भी उच्च‑मूल्य वाले उत्पाद बनाना प्राथमिकता होगा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that Telangana’s power‑first policy could set a precedent for other Indian states grappling with soaring data‑center demand, balancing economic growth with energy security.

"Data‑center expansion must be synchronized with sustainable power planning, otherwise it risks destabilising the broader grid," says energy‑policy analyst Dr. Ramesh Kumar.
Did You Know?: तेलंगाना ने 2024 में भारत की पहली "डेटा‑सेंटर‑फ्रेंडली" ऊर्जा नीति लागू की थी, जो नवीकरणीय स्रोतों को प्राथमिकता देती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या डेटा सेंटरों को प्राथमिकता मिलने से घरेलू बिजली की कमी होगी?
उत्तर: नहीं, सरकार ने ग्रिड को सुदृढ़ करने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने की योजना बनाई है।

प्रश्न 2: टियर‑II शहरों में आईटी हब स्थापित होने से रोजगार पर क्या असर पड़ेगा?
उत्तर: इससे स्थानीय युवाओं को बेहतर नौकरी के अवसर मिलेंगे और प्रवास कम होगा।