गाज़ीअाबाद में स्कूल 10 दिन तक बंद रहने से स्मार्टफोन‑रहित छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षक व्हाट्सएप समूह में असाइनमेंट भेजते हैं, पर पहुँच सीमित है।

मुख्य बिंदु

  • कनवर यात्रा के चलते 10‑दिन की स्कूल बंदी लागू हुई
  • स्मार्टफोन न होने वाले छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा में बाधा
  • शिक्षक व्हाट्सएप पर असाइनमेंट भेजते हैं, पर पहुँच सीमित

क्लासरूम से बाहर, घर में नई चुनौतियाँ

गाज़ीअाबाद के मकनपुर में 16‑साल की रुक्साना ने बताया कि स्कूल बंद होने के बाद वह अपने माँ की मदद से घर पर ही पढ़ाई करने के लिए मजबूर है। वह कक्षा‑9 में होम साइंस और संगीत पढ़ती है, पर अब व्हाट्सएप समूह में कोई नया संदेश नहीं आया।

इसी पड़ोस में 13‑साल के अरुण कनोजिया ने कहा कि वह अपने पिता के बटन‑फ़ोन पर स्कूल व्हाट्सएप समूह खोलता है, लेकिन समय‑सीमा सीमित है। वह गणित के “HCF” और “LCM” जैसे विषयों को समझने के लिए चैटजीपीटी की मदद लेता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

कनवर यात्रा एक बड़ी धार्मिक यात्रा है, जिसमें लाखों श्रद्धालु उत्तर प्रदेश‑उत्‍तराखंड‑हिमाचल प्रदेश के विभिन्न मार्गों से गुजरते हैं। पिछले दशक में भी इसी कारण कई बार स्कूल बंद हुए हैं, पर डिजिटल शिक्षा का विस्तार अभी शुरुआती चरण में है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि शहरी क्षेत्रों में भी डिजिटल असमानता शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही है। जब स्कूल बंद होते हैं, तो जो बच्चे स्मार्टफोन या इंटरनेट तक लगातार पहुँच नहीं रखते, उनका सीखने का अंतर बढ़ जाता है।

“डिजिटल डिवाइड को पाटना अब शिक्षा नीति की प्राथमिकता बननी चाहिए, नहीं तो ऐसे बंद‑समय में पीढ़ी का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा।” – शैक्षिक विश्लेषक डॉ. अनीता सिंह
क्या आप जानते हैं?: गाज़ीअाबाद में लगभग 30 % छात्रों के पास व्यक्तिगत स्मार्टफोन नहीं है, जिससे ऑनलाइन कक्षाओं में उनकी भागीदारी घटती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: इस बार कितनी स्कूलें बंद की गईं?

उत्तर: गाज़ीअाबाद जिले में लगभग 120 सरकारी और निजी स्कूलों को 4 अगस्त से 12 अगस्त तक बंद किया गया।

प्रश्न 2: बोर्ड ने छात्रों के लिए कौन‑सी वैकल्पिक शिक्षा व्यवस्था पेश की?

उत्तर: अधिकांश स्कूलों ने व्हाट्सएप समूह के माध्यम से असाइनमेंट भेजे, जबकि कुछ ने सीमित ऑनलाइन कक्षाएँ आयोजित कीं।