इंदिरा गांधी जूलॉजिकल पार्क में परिवार, स्कूल और कंपनियां जन्मदिन और वार्षिक समारोह को पशु गोद लेने के माध्यम से मनाते हैं, जिससे पिछले वर्ष की तुलना में गोद लेने में 60% की वृद्धि हुई है।

मुख्य बिंदु

  • पिछले वित्तीय वर्ष में पशु गोद लेने में 60% वृद्धि हुई।
  • परिवारों ने सबसे अधिक गोद ली, स्कूल और कंपनियों ने भी भाग लेना शुरू किया।
  • गोद लेने से कर में छूट और चिड़ियाघर में निरंतर प्रवेश लाभ मिलता है।

इंदिरा गांधी जूलॉजिकल पार्क, विशाखापत्तनम में प्रतीकात्मक पशु गोद लेने में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। 2025‑26 वित्तीय वर्ष में 80 पशुओं को गोद लिया गया, जबकि पिछले वर्ष 50 थे।

सोहन गोथम यन्नेती जैसे आगंतुक अपने जन्मदिन को लाल‑गले वाले वालाबी को गोद लेकर मनाते हैं, जिससे व्यक्तिगत उत्सव संरक्षण समर्थन में बदल जाता है।

संरक्षक जी माँगम्मा ने बताया कि यह बढ़ोतरी निरंतर जागरूकता और सार्थक जश्न की ओर बदलाव का परिणाम है। “लोग धीरे‑धीरे महत्वपूर्ण अवसरों को मनाने के लिए अर्थपूर्ण तरीकों की तलाश कर रहे हैं,” वह कहती हैं।

कार्यक्रम विभिन्न स्तरों की गोद लेने की पैकेज प्रदान करता है—एक दिन से लेकर एक वर्ष तक—जिसमें गोद लेनहार को प्रमाणपत्र, स्मृति किट, और उच्च स्तर पर अनलिमिटेड प्रवेश तथा पशु के enclosure के बोर्ड पर नाम दिखाया जाता है। योगदान सेक्शन 80G के तहत कर छूट के योग्य है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that linking personal celebrations with wildlife stewardship deepens public engagement and can drive long‑term conservation funding.

“प्रतीकात्मक गोद लेना भावनात्मक जुड़ाव को जैव विविधता के ठोस समर्थन में बदल देता है,” कहते हैं डॉ. अनीता राव, वन्यजीव अर्थशास्त्री।
Did You Know?: लाल‑गले वाला वालाबी भारत का मूल प्रजाति नहीं है, जिससे इसकी गोद लेना एक अनोखा शैक्षिक अवसर बनता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: गोद लेने की फीस चिड़ियाघर को कैसे मदद करती है?
फीस सीधे पशु देखभाल, आवास रखरखाव और शैक्षिक कार्यक्रमों में उपयोग होती है।

प्रश्न 2: क्या मैं एक दिन के लिए ही पशु गोद ले सकता हूँ?
हां, चिड़ियाघर एक‑दिन की प्रतीकात्मक गोद लेने की सुविधा प्रमाणपत्र और प्रवेश लाभ के साथ प्रदान करता है।