चीन के डिलीवरी राइडर वांग जिबिंग, जो रास्ते‑रास्ते कविताएँ लिखते हैं, को लू शुन साहित्यिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि गिग‑वर्करों की रचनात्मक शक्ति को उजागर करती है।
मुख्य बिंदु
- वांग जिबिंग ने 7,000 से अधिक कविताएँ लिखी
- उनकी तीसरी कविता संग्रह ‘लो फ़्लाइट’ को लू शुन पुरस्कार मिला
- वह अभी भी डिलीवरी राइडर के रूप में काम कर रहे हैं
चीन के जिआंगसू प्रांत के कुनशान शहर में डिलीवरी राइडर के रूप में काम करने वाले वांग जिबिंग ने अपने काम के बीच‑बीच में कागज़ की छोटी सी शीट पर कविताएँ लिखी। 2020 में सोशल मीडिया पर उनकी कविताएँ वायरल हुईं, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
वांग, 57 वर्ष, को हाल ही में लू शुन साहित्यिक पुरस्कार के कविता वर्ग में सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उनकी तीसरी कविता संग्रह लो फ़्लाइट के लिए दिया गया, जिसमें गिग‑वर्करों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी को बारीकी से चित्रित किया गया है।
वांग ने 1988 में लेखन शुरू किया, लेकिन उनके पिता ने 2 लाख चीनी अक्षरों की मूल पांडुलिपि जलाकर उनकी लिखने की इच्छा को दबाने की कोशिश की। फिर भी, उन्होंने लिखना नहीं छोड़ा और कई विविध काम—पोर्ट मजदूर, ईंट कारखाना, कबाड़ इकट्ठा करने वाले—से गुजरते हुए अपनी आवाज़ को निखारा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that वांग की कहानी गिग‑इकॉनमी में काम करने वाले लाखों लोगों को प्रेरित करती है, यह दर्शाते हुए कि रचनात्मकता और पेशेवर कार्य एक साथ चल सकते हैं। उनका पुरस्कार न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि सामाजिक वर्ग में साहित्यिक मान्यता की नई दिशा भी खोलता है।
"वांग जिबिंग की काव्यात्मक यात्रा आधुनिक कामकाजी वर्ग की अनकही कहानियों को विश्व मंच पर लाती है," कहते हैं साहित्यिक विशेषज्ञ प्रो. ली वेई।
Frequently Asked Questions
Q: लू शुन पुरस्कार क्या है?
A: यह चीन का एक प्रमुख साहित्यिक सम्मान है, जिसका नाम प्रसिद्ध लेखक लू शुन के नाम पर रखा गया है।
Q: वांग जिबिंग अब भी डिलीवरी का काम करेंगे?
A: हाँ, उन्होंने कहा है कि वह अपनी रूटीन जारी रखेंगे और कविताएँ लिखते रहेंगे।