डायरेक्टरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी‑करप्शन (डीवीएसी) ने परमाकुडी के राजस्व विभाजन अधिकारी (आरडीओ) और उनके चालक को जल निकाय से तलछट निकालने के बदले रिश्वत लेने के लिए गिरफ्तार किया। अधिकारी ने 5 लाख रुपये तक की अवैध राशि भी जब्त की।

मुख्य बिंदु

  • परमाकुडी आरडीओ ने 50,000 रुपये की रिश्वत ली
  • ड्राइवर के माध्यम से नकद लेन‑देन में पकड़े गए
  • जांच में 5 लाख रुपये से अधिक नकद बरामद

डायरेक्टरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी‑करप्शन (डीवीएसी) के अधिकारियों ने शनिवार को परमाकुडी के राजस्व विभाजन अधिकारी (आरडीओ) सरवनामि पेरुमल और उनके चालक सुंदर को जल निकाय से तलछट निकालने की अनुमति के बदले रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया।

रिपोर्ट के अनुसार, आरडीओ ने एक ईंट कारखाने के मालिक से 50,000 रुपये की रिश्वत माँगी। जब मालिक ने इस मांग को अस्वीकार किया, तो उन्होंने डीवीएसी को शिकायत दर्ज की। इस जानकारी के बाद, अधिकारियों ने एक जाल बिछाया जिससे दोनों को हाथ‑में‑हाथ पकड़ा गया।

धरोहर के रूप में, डीवीएसी ने 5 लाख रुपये से अधिक की अवैतनिक नकद भी जब्त की। इस मामले की आगे की जाँच जारी है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

डायरेक्टरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी‑करप्शन (डीवीएसी) 1965 में स्थापित हुई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक प्रशासन में भ्रष्टाचार को रोकना और भ्रष्ट अधिकारियों को सजा दिलाना है। पहले भी कई उच्च‑स्तरीय भ्रष्टाचार के मामलों में इस एजेंसी ने तेज कार्रवाई की है, जिससे सार्वजनिक भरोसा बनाए रखने में मदद मिली है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that such high‑level corruption cases undermine public confidence in local governance and highlight the need for stricter oversight in revenue departments.

"रिश्वत के मामलों में तेज कार्रवाई से भविष्य में अधिकारी अधिक सतर्क रहेंगे," कहते हैं भ्रष्टाचार विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह।
क्या आप जानते हैं?: भारत में 2020‑2024 के बीच राजस्व विभाग में सबसे अधिक भ्रष्टाचार के मामले दर्ज किए गए।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या इस मामले में अन्य अधिकारी भी शामिल हैं?

उत्तर: वर्तमान में केवल आरडीओ और उनके चालक को ही गिरफ्तार किया गया है, लेकिन जांच में अतिरिक्त नामों की संभावना है।

प्रश्न 2: इस गिरफ्तारी से स्थानीय प्रशासन पर क्या असर पड़ेगा?

उत्तर: यह कार्रवाई स्थानीय प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने और भविष्य में भ्रष्टाचार को रोकने की दिशा में एक चेतावनी के रूप में देखी जाएगी।