तमिलनाडु कावेरी किसान संरक्षण संघ ने राज्य सरकार से संगा और थलाड़ी फसल के लिए प्रति एकड़ ₹8,000 की विशेष पैकेज की मांग की है, क्योंकि इन फसलों की लागत में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है।

  • संगा और थलाड़ी फसल के लिए ₹8,000 प्रति एकड़ की माँग
  • मेटूर डैम में जलस्तर 86 फीट से ऊपर, जल्द 90 फीट तक पहुंचने की संभावना
  • डेल्टा जिलों को सूखा‑प्रभावित घोषित करने की तात्कालिक आवश्यकता

विशेष पैकेज की मौलिक मांग

तमिलनाडु कावेरी किसान संरक्षण संघ ने राज्य सरकार को आग्रह किया है कि इस सीजन में संगा और थलाड़ी की खेती के लिए एक विशेष पैकेज घोषित किया जाए, जिसमें प्रति एकड़ ₹8,000 का नकद प्रोत्साहन शामिल हो। संघ ने बताया कि इन फसलों की उत्पादन लागत और कृषि मशीनरी के किराए में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

पिछले विशेष पैकेज से तुलना

वर्तमान में सरकार ने कुरुवाई फसल के लिए प्रति एकड़ ₹4,000 का पैकेज प्रदान किया है, जिसे संघ ने अपर्याप्त कहा। उन्होंने कहा कि संगा‑थलाड़ी के लिए भी समान या उससे अधिक सहायता आवश्यक है, इसलिए मौजूदा राशि को दोगुना कर देना चाहिए।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the financial strain on small‑holder farmers in Tamil Nadu’s delta districts could trigger a larger agrarian distress if timely relief is not provided, potentially affecting rice output and regional food security.

"संगा‑थलाड़ी जैसी कम आय वाली फसलों के लिए पर्याप्त वित्तीय समर्थन न मिलने पर किसानों की आय में भारी गिरावट आ सकती है," कृषि अर्थशास्त्री डॉ. अजय राव ने कहा।

जल उपलब्धता का मुद्दा

गणपति अग्रहाराम, पापनासम तालुक़ के जी. श्रीनिवासन ने मेटूर बांध में जलस्तर 86 फ़ीट तक पहुंच गया है और जल्द 90 फ़ीट तक पहुंचने की संभावना जताई है। उन्होंने जल जारी न होने से संगा‑थलाड़ी की पूर्व-उपज तैयारी में देरी और मानसून के प्रकोप से फसल को नुकसान पहुंचने की चेतावनी दी।

Did You Know?: मेटूर डैम तमिलनाडु की सबसे बड़ी जल संग्रहण सुविधा है, जिसकी क्षमता 93 क्यूबिक किलोमीटर है।

Frequently Asked Questions

संगा और थलाड़ी फसल के लिए विशेष पैकेज कब घोषित होगा? संघ ने वर्तमान विधानसभा सत्र के दौरान नियम 110 के तहत पैकेज घोषित करने की मांग की है।

डेल्टा जिलों को सूखा‑प्रभावित घोषित करने से क्या लाभ होगा? यह घोषणा राष्ट्रीय आपदा राहत निधि से अतिरिक्त फंड रिलीज़ करने में सहायता करेगी, जिससे किसानों को तत्काल सहायता मिल सकेगी।