विदेश मंत्रालय के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मॉस्को में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और दो देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा और उर्वरक सहयोग को और गहरा करने की योजना बताई। इस बैठक से दोनों पक्षों के आर्थिक संबंधों में तेज़ी और व्यापारिक असंतुलन को कम करने की प्रतिबद्धता स्पष्ट हुई।
- द्विपक्षीय व्यापार पाँच साल में चार गुना बढ़ा, 2025‑26 में लगभग $60 बिलियन तक पहुंचा।
- रूस भारत को उर्वरक आपूर्ति बढ़ा रहा है, जिससे भारतीय किसानों को लाभ होगा।
- 2025‑26 में व्यापार असंतुलन $50 बिलियन से अधिक, इसे 2030 तक $100 बिलियन लक्ष्य तक लाने की योजना।
मॉस्को में प्रमुख वार्ता
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दो‑दिन की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रथम उपप्रधानमंत्री डेनिस मान्टुरोव के साथ भारत‑रूस इंटर‑गवर्नमेंटल कमीशन (IRIGC) की 27वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस मंच पर व्यापार, ऊर्जा, वैज्ञानिक‑तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।
व्यापार में अभूतपूर्व वृद्धि
जयशंकर ने बताया कि 2021‑22 में लगभग $13 बिलियन के व्यापार को 2025‑26 में लगभग $60 बिलियन तक बढ़ा दिया गया है। वह इस विकास को "अत्यंत सकारात्मक" बताते हुए दोनों देशों के बीच आर्थिक बंधन को और मजबूत करने की बात कही।
ऊर्जा और उर्वरक सहयोग का विस्तार
पुतिन ने रूसी उर्वरक की आपूर्ति को बढ़ाने का आश्वासन दिया, जिससे भारतीय कृषि को आवश्यक समर्थन मिलेगा। साथ ही, दोनों पक्षों ने ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और गैस‑पाइपलाइन परियोजनाओं पर चर्चा की।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the accelerated India‑Russia partnership not only diversifies Delhi’s supply chain away from traditional western sources but also creates a strategic buffer in the evolving geopolitical landscape of Eurasia.
"विकसित व्यापारिक बुनियाद दोनों देशों को आर्थिक शॉक से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी," कहा अंतर्राष्ट्रीय अर्थशास्त्री डॉ. अनीता सिंह ने।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत‑रूस के संबंध 1950 के दशक से चल रहे हैं, लेकिन पिछले दो दशकों में वस्तु‑सेवा व्यापार में गिरावट देखी गई थी। 2020‑के बाद दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को पुनर्जीवित किया, विशेषकर रक्षा, ऊर्जा और अंतरिक्ष में। इस पुनरुत्थान ने 2022‑23 में व्यापार में 15 % की वार्षिक वृद्धि को प्रेरित किया।
Frequently Asked Questions
Q1: भारत‑रूस द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य 2030 तक कितना है?
A: दोनों देशों ने $100 बिलियन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
Q2: उर्वरक आपूर्ति में वृद्धि से किसे सबसे अधिक लाभ होगा?
A: भारतीय किसान और कृषि क्षेत्र प्रमुख लाभार्थी हैं।