वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अगले दो महीनों में मौजूदा नियमों में बदलाव लाएगा ताकि सेमीकंडक्टर और ऑटो कंपोनेंट कंपनियों की समस्याओं को हल किया जा सके। यह कदम व्यापक एफटीए वार्ताओं के साथ मिलकर भारत को वैश्विक व्यापार में 75% हिस्सेदारी दिलाने की दिशा में है।

  • सरकार 60 दिनों के भीतर नियम संशोधित करेगी
  • परिवर्तन सेमीकंडक्टर व ऑटो पार्ट्स निर्माताओं को लक्षित करेंगे
  • नए एफटीए के साथ वैश्विक व्यापार का 75% कवर करने का लक्ष्य

पीयूष गोयल, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा कि अगले दो महीनों में नियमों में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे, जिससे सेमीकंडक्टर और ऑटो कंपोनेंट कंपनियों की वर्तमान चिंताओं का समाधान हो सकेगा। यह घोषणा आज की राष्ट्रीय व्यापार नीति पर चर्चा के दौरान की गई।

उद्योग संघों ने लगातार बताया कि मौजूदा कस्टम ड्यूटी, लाइसेंसिंग और तकनीकी मानकों के नियम विदेशी निवेश को रोक रहे हैं, जिससे भारत में उत्पादन क्षमता सीमित हो रही है। इन मुद्दों को दूर करने के लिए सरकार ने व्यापक परामर्श प्रक्रिया शुरू की है।

विशेष रूप से, इलेक्ट्रॉनिक घटकों पर लागू उच्च आयात शुल्क और ऑटो पार्ट्स के लिए कठोर प्रमाणन प्रक्रियाओं को सरल बनाने की योजना है। साथ ही, स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन और तकनीकी सहयोग को बढ़ाया जाएगा।

यह कदम भारत के व्यापक एफटीए (फ़्री ट्रेड एग्रीमेंट) वार्ताओं से घनिष्ठ रूप से जुड़ा है, जहाँ सरकार 8‑9 नई ब्लॉकों के साथ समझौते करने की तैयारी में है, जिससे वैश्विक व्यापार का 75% हिस्सा भारत के दायरे में आएगा।

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इन सुधारों से सेमीकंडक्टर निर्माण में 2025 तक 30% की वृद्धि और ऑटो पार्ट्स निर्यात में 20% तक की उछाल की संभावना है, जिससे भारत की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा में उल्लेखनीय सुधार होगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

2022 में भारत ने पहली बार राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर नीति लॉन्च की थी, लेकिन नियामक बाधाओं और निवेशकों के संकोच के कारण अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई। तब से कई संशोधनों की घोषणा हुई, परंतु ठोस परिणाम नहीं दिखे। नई पहल इस अनुभव से सीख लेकर अधिक लक्षित और तेज़ कार्यान्वयन पर केंद्रित है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that aligning domestic regulations with upcoming FTAs will not only attract foreign capital but also position India as a manufacturing hub for high‑value electronics and automotive components, reducing reliance on East Asian supply chains.

"सेमीकंडक्टर और ऑटो पार्ट्स सेक्टर में नियम सुधार भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक प्रमुख खिलाड़ी बना सकता है," отметил отраслевой аналитик.
Did You Know?: भारत में सेमीकंडक्टर उत्पादन 2021 में केवल 2% वैश्विक शेयर था, जो अब 2025 तक 10% तक बढ़ने की संभावना है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: नियम संशोधन कब तक अंतिम रूप लेगा?
उत्तर: सरकार ने दो महीने की समयसीमा तय की है, जिसके भीतर सभी बदलाव संसद में पेश किए जाएंगे।

प्रश्न 2: विदेशी निवेशकों को इस कदम से क्या लाभ मिलेगा?
उत्तर: सरलित प्रक्रियाएं, कम शुल्क और नई वित्तीय प्रोत्साहन विदेशी कंपनियों को भारत में उत्पादन स्थापित करने के लिए आकर्षित करेंगे।