इंडोनेशिया ने बड़े पैमाने पर भू-आधारित और हवाई फायरफ़ाइटिंग ऑपरेशन तेज़ किए, जिससे बोरनियो और सुमात्रा में पीट आग और धुंध ने मलेशिया व ब्रुनेई तक पहुंच कर स्वास्थ्य एवं परिवहन को खतरे में डाल दिया।
- इंडोनेशिया में पीट आग से धुंध बढ़ी
- मलेशिया व ब्रुनेई में स्वास्थ्य जोखिम
- प्रभु कोबियो ने आपातकालीन मदद का आदेश दिया
भू-आधारित एवं हवाई दमन में तीव्रता
इंडोनेशिया ने 24 अगस्त को बोरनियो और सुमात्रा के कई प्रांतों में चल रही पीट और वनाग्नियों को नियंत्रित करने हेतु सैकड़ों जल‑बॉम्बिंग हेलिकॉप्टर और 10,700 से अधिक फायरफ़ाइटर तैनात किए। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (BNPB) ने बताया कि पश्चिम, मध्य और दक्षिण कालिमांतन, रियाउ, दक्षिण सुमात्रा एवं जाम्बी में दहन अभी भी जारी है।
प्रभु कोबियो की यात्रा और आदेश
राष्ट्रपति प्रभु कोबियो सुबियान्तो ने मध्य कालिमांतन में आगग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया और फिर सुमात्रा के रियाउ प्रांत में पहुंचे, जहाँ 11,500 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र जल चुका है। उन्होंने सरकार को जल‑बॉम्बिंग हेलिकॉप्टर, ऑक्सीजन आपूर्ति और विस्तृत रिपोर्टिंग के लिए निर्देशित किया।
विदेशी विमानों का प्रयोग
परिवहन मंत्रालय ने 35 विदेशी पंजीकृत विमान को जल‑बॉम्बिंग और हवाई गश्त मिशन के लिए मंजूरी दी। ये विमान बदलते मौसम और आपदा‑प्रभावित क्षेत्रों में तेज़ी से तैनात किए जा सकते हैं, साथ ही भारतीय विमानन नियमों का पालन करेंगे।
सैटेलाइट डेटा से आँकड़े
पर्यावरण मंत्रालय के सैटेलाइट डेटा के अनुसार, दक्षिण सुमात्रा में 1,429 हॉटस्पॉट्स की सबसे अधिक संख्या दर्ज हुई, उसके बाद पश्चिम कालिमांतन (1,226) और मध्य कालिमांतन (811) रहे। जुलाई में लगभग 94,000 हेक्टेयर भूमि जल चुकी है।
धुंध का क्षेत्रीय प्रभाव
धुंध ने मलेशिया के सरावाक राज्य में 600 से अधिक स्कूलों को बंद कर दिया और लगभग 200,000 छात्रों की शिक्षा बाधित हुई। ब्रुनेई में भी वायु गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई, जिससे स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता जारी की।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that recurring peat fires not only threaten Indonesia’s biodiversity but also strain diplomatic ties with neighboring countries, amplifying economic losses in tourism and agriculture across the region.
"पीट की जलन से उत्पन्न धुएँ में कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा अत्यधिक होती है, जिससे निकटवर्ती देशों में श्वसन रोगों की दर में अचानक वृद्धि देखी गई है," बतलाते हैं पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. रितु शर्मा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या मलेशिया में धुंध के कारण कोई आपातकालीन उपाय लागू किए गए हैं?
उत्तर: मलेशिया ने स्कूल बंद, सार्वजनिक परिवहन में प्रतिबंध और वायु गुणवत्ता मॉनिटरिंग को तेज़ करने के निर्देश जारी किए हैं।
प्रश्न 2: इंडोनेशिया के भविष्य में ऐसी पीट आग को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
उत्तर: सरकार ने भूमि‑उपयोग नियमन कड़ाई से लागू करने, वैकल्पिक खेती तकनीकों को बढ़ावा देने और क्लाउड‑सीडिंग जैसी मौसम‑परिवर्तन तकनीकों में निवेश करने की योजना बनाई है।