केरल में 30 वर्ष पुरानी लोक योजना अभियान का पुनरुद्धार तय हुआ है। नई 2.0 योजना में छात्र इंटर्नशिप, तकनीकी प्लेटफ़ॉर्म और युवा सहभागिता को प्रमुखता दी जाएगी।
- लोक योजना 2.0 का लक्ष्य युवा वर्ग को फिर से जोड़ना है
- तकनीकी‑आधारित पोर्टल के माध्यम से स्थानीय शासन को सशक्त बनाना
- शहरीकरण और वित्तीय दबावों के बीच नई रणनीति बनाना
लोक योजना अभियान का इतिहास
16 अगस्त 1996 को केरल सरकार ने लोक योजना अभियान (People’s Plan Campaign) का शुभारम्भ किया, जिसका उद्देश्य ग्रामस्वराज की गांधीजी की अवधारणा को संविधान के 73वें और 74वें संशोधन के साथ जोड़ना था। इस पहल ने 35‑40% योजना बजट को स्थानीय निकायों को सौंपा, जिससे विकास योजना में स्थानीय स्वशासन को केंद्र में रखा गया।
1990 के दशक में यह प्रयोग केरल को सामाजिक सुधार, भूमि सुधार और उच्च साक्षरता दर के साथ एक आदर्श बनाता था। "कुदंबश्री" जैसी योजनाओं ने राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय मंच पर केरल की प्रशंसा को बढ़ाया।
30‑वर्षीय यात्रा और सीख
अब तक के परिणाम दर्शाते हैं कि योजना ने पूर्ण सफलता नहीं, पर विफलता भी नहीं रही। यह स्थानीय लोकतंत्र को गहरा करने और ग्रामसभा में भागीदारी को बढ़ाने में सहायक रहा। लेकिन समय के साथ कई चुनौतियों ने इसका प्रभाव घटा दिया, विशेषकर शहरी क्षेत्रों में सहभागिता में गिरावट आई।
लोक योजना 2.0 की रूपरेखा
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री टी.एम. थॉमस इसाक ने नई योजना में छात्र इंटर्नशिप, ऑनलाइन पोर्टल और तकनीक‑संचालित अभियान को शामिल करने का प्रस्ताव रखा। वर्तमान में केरल में 96.43% जनसंख्या 2036 तक शहरी बन सकती है, इसलिए योजना को शहरीकरण, वित्तीय तनाव और बदलते जनआकांक्षाओं को ध्यान में रखना होगा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that a revitalised People’s Plan 2.0 could become a template for other Indian states grappling with rapid urbanisation and fiscal constraints, positioning Kerala as a leader in participatory governance.
"केवल तकनीकी समाधान नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता ही लोक योजना 2.0 की सफलता की कुंजी होगी," कहा गया है नीति विशेषज्ञ डॉ. अंजली मेहता ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: लोक योजना 2.0 में युवा सहभागिता कैसे बढ़ेगी?
उत्तर: छात्र इंटर्नशिप, डिजिटल मंच और स्थानीय समस्याओं पर आधारित प्रोजेक्ट्स के माध्यम से युवाओं को सीधे योजना निर्माण में शामिल किया जाएगा।
प्रश्न 2: शहरीकरण के साथ स्थानीय निकायों की वित्तीय क्षमता कैसे सुधरेगी?
उत्तर: नई फंडिंग मॉडल, सार्वजनिक‑निजी साझेदारी और पर्यावरण‑सतत परियोजनाओं के माध्यम से अतिरिक्त राजस्व स्रोत विकसित किए जाएंगे।