सेल्म जिले के कलेक्टर के. एलाम्बहवथ ने सरकारी मोहन कुमारमंगलम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में QR कोड‑आधारित फीडबैक प्रणाली का उद्घाटन किया, जिससे रोगियों की शिकायतें तुरंत प्रबंधन तक पहुंचेंगी। यह पहल राज्य के स्वास्थ्य सेवा को डिजिटल बनाने के बड़े कदम का हिस्सा है।
- सेल्म में सरकारी अस्पताल में QR कोड‑आधारित फीडबैक प्रणाली शुरू हुई।
- फ़ीडबैक तुरंत विभागीय अधिकारियों को अलर्ट के रूप में भेजा जाएगा।
- रोगी अनुभव सुधारने के लिए डिजिटल डैशबोर्ड पर डेटा प्रदर्शित होगा।
कार्यक्रम का विवरण
सेल्म जिले के कलेक्टर के. एलाम्बहवथ ने सोमवार, 24 अगस्त 2026 को मोहन कुमारमंगलम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में QR कोड‑आधारित फीडबैक तंत्र का औपचारिक उद्घाटन किया। अस्पताल के प्रवेश द्वार, वार्ड और काउंटर पर लगाए गए QR कोड को मोबाइल फोन से स्कैन कर रोगी और उनके परिजनों को छह प्रश्नों वाला फॉर्म भरने का अवसर मिलेगा।
कलेक्टर का संदेश
समारोह के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कलेक्टर ने कहा, “जिला के सरकारी अस्पताल उच्च गुणवत्ता की उपचार सेवा प्रदान करते हैं, और यह नई प्रणाली हमारे मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के डिजिटल स्वास्थ्य दिशा‑निर्देशों के अनुरूप है। यह पहल रोगी संतुष्टि को मापने और तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने में मदद करेगी।”
प्रौद्योगिकी की कार्यप्रणाली
स्कैन किए गए डेटा को स्वचालित रूप से संबंधित विभागीय अधिकारियों को अलर्ट के रूप में भेजा जाता है और उच्च प्राधिकारियों के डिजिटल डैशबोर्ड पर प्रदर्शित किया जाता है। इस रियल‑टाइम निगरानी से समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा, जिससे अस्पताल की कार्यक्षमता और सेवा गुणवत्ता दोनों में वृद्धि होगी।
रोगी एवं परिजनों के लिए लाभ
फ़ीडबैक प्रक्रिया सरल और तेज़ है; रोगी केवल कुछ सेकंड में अपने अनुभव को दर्ज कर सकते हैं। संग्रहीत डेटा अस्पताल प्रशासन को रोगी प्रवाह, सुविधा की कमी और स्टाफ के प्रदर्शन पर ठोस अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा, जिससे नीतिगत निर्णय अधिक डेटा‑संचालित बनेंगे।
Historical Background
तमिलनाडु सरकार पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन को तेज़ करने के लिए कई पहलें शुरू कर चुकी है, जैसे कि एलेक्सा‑आधारित टेली‑कंसल्टेशन प्लेटफ़ॉर्म और ई‑प्रिस्क्रिप्शन प्रणाली। सेल्म में यह QR फीडबैक तंत्र उन प्रयासों का निरंतर विस्तार है, जिसका लक्ष्य सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना है।
डॉ. अनीता राव, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने कहा: “रियल‑टाइम फीडबैक से अस्पताल प्रबंधन को रोगी की वास्तविक समस्याओं का तुरंत पता चलता है, जो सेवा सुधार में क्रांतिकारी साबित हो सकता है।”
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that integrating instant digital feedback in public hospitals can reduce patient grievances by up to 30% and improve overall satisfaction scores, setting a benchmark for other districts across India.
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या इस फीडबैक प्रणाली का उपयोग करने के लिए इंटरनेट कनेक्शन आवश्यक है?
उत्तर: हाँ, फ़ॉर्म को भरने के लिए स्मार्टफ़ोन पर सक्रिय इंटरनेट कनेक्शन आवश्यक है।
प्रश्न 2: क्या रोगी की पहचान गोपनीय रहती है?
उत्तर: हाँ, सभी फीडबैक अनाम रूप में संग्रहित होते हैं और केवल सामूहिक डेटा के रूप में विश्लेषण किया जाता है।