तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जे. विजय ने विधानसभा में घोषणा की कि 27,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित परंदुर हवाई अड्डे को रद्द किया जाएगा, जिससे उनके 2025 के वादे को साकार किया गया। इस कदम से सामाजिक‑पर्यावरणीय चिंताओं को हल किया गया, पर नई हवाई अड्डे की खोज नई चुनौतियां लेकर आएगी।

  • परंदुर हवाई अड्डा 5,746 एकड़ भूमि पर योजना बना था
  • विकास के बजाय किसानों और गाँव वालों के विरोध को प्रमुख कारण माना गया
  • नई टर्मिनल 5 के साथ मौजूदा चेन्नई हवाई अड्डा का विस्तार किया जाएगा

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जे. विजय ने सोमवार को विधानसभा में घोषणा की कि राज्य सरकार 27,000 करोड़ रुपये के अनुमानित लागत वाले परंदुर ग्रिनफ़ील्ड हवाई अड्डे को रद्द कर देगी। यह घोषणा उनके 2025 के एक वादे को पूरा करती है, जब उन्होंने इक्कनापुरम के किसानों के साथ खड़े होकर कहा था कि इस भूमि पर कोई हवाई अड्डा नहीं बनेगा।

Historical Background

परंदुर परियोजना को 2019 में शुरू किया गया था, जब राज्य ने चेन्नई की बढ़ती यात्री मांग को पूरा करने के लिए दूसरा हवाई अड्डा खोज रहा था। कंचीपुरम जिले में 5,746 एकड़ भूमि पर यह हवाई अड्डा विकसित करने की योजना थी, पर स्थानीय किसानों ने ज़मीन अधिग्रहण के खिलाफ 2022 से आंदोलन किया। 2025 में विजय ने अपने नए राजनीतिक मंच तमिलगा वेत्त्री क़ाज़हगम के तहत इस मुद्दे को उठाया और वादा किया कि हवाई अड्डा नहीं बनेगा।

विकास पक्ष ने कहा था कि मौजूदा मीणाम्बक्कम हवाई अड्डा केवल 30 मिलियन यात्रियों को संभाल सकता है, जबकि चेन्नई की औद्योगिक और वाणिज्यिक प्रगति इसे 2028 तक 40 मिलियन तक ले जा रही है। इस कारण से दो हवाई अड्डे की आवश्यकता को लेकर बहस जारी रही।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that abandoning the Parandur site resolves a long‑standing socio‑environmental conflict but creates a planning vacuum. The state now faces the dual task of identifying a new, less disruptive location while simultaneously upgrading existing infrastructure to meet immediate demand.

"परंदुर को रद्द करना किसानों की जीत है, पर नई साइट खोजने में समय लगना अनिवार्य है," कहा कृषि विशेषज्ञ डॉ. राजन शर्मा।

विजय ने बताया कि सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ विस्तृत परामर्श के बाद कुछ संभावित वैकल्पिक स्थानों की पहचान की है। तकनीकी व्यवहार्यता अध्ययन जल्द ही शुरू होंगे, और नई साइट को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा।

अभी के लिए, मौजूदा चेन्नई हवाई अड्डे का विस्तार किया जाएगा। एएआई (हवाई अड्डा प्राधिकरण) के साथ मिलकर टर्मिनल 5 का निर्माण किया जाएगा, जो अतिरिक्त 20 मिलियन यात्रियों को संभाल सकेगा। टर्मिनल 3 के काम के पूरा होने पर कुल क्षमता 35 मिलियन तक बढ़ेगी, और टर्मिनल 5 के साथ यह 55 मिलियन तक पहुँच जाएगी।

Did You Know?: परंदुर परियोजना की जमीन में से लगभग 1,700 एकड़ पहले ही टिडको ने अधिग्रहित कर ली थी, जबकि 1,500 एकड़ सरकारी भूमि थी।

Frequently Asked Questions

Q: नया हवाई अड्डा कहाँ बनाया जाएगा?

A: सरकार ने अभी तक अंतिम स्थान घोषित नहीं किया है, लेकिन वह कृषि भूमि और आवासीय क्षेत्रों से बचते हुए एक उपयुक्त स्थल खोज रही है।

Q: चेन्नई हवाई अड्डे के विस्तार से यात्रियों को क्या लाभ मिलेगा?

A: टर्मिनल 5 के साथ मौजूदा क्षमता 35 मिलियन से 55 मिलियन यात्रियों तक बढ़ेगी, जिससे भीड़ कम होगी और सेवाएँ सुधरेंगी।