केंद्रीय नागरिक विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि तमिलनाडु सरकार ने अभी तक परिंदूर में प्रस्तावित दूसरे चेन्नई हवाई अड्डे के स्थल को बदलने के लिए केंद्र से औपचारिक अनुरोध नहीं किया है। भूमि अधिग्रहण को रोक दिया गया है और परियोजना वर्तमान में स्थगित है।

  • तमिलनाडु सरकार ने परिंदूर हवाई अड्डा स्थल परिवर्तन के लिए केंद्र को कोई औपचारिक अनुरोध नहीं किया है।
  • नागरिक विमानन मंत्रालय ने अप्रैल 2025 में TIDCO को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी।
  • भू‑अधिग्रहण को रोक दिया गया है, जिससे परियोजना वर्तमान में ठहराव में है।

केंद्रीय नागरिक विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राजसभा में डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ कर्नाटक (DMK) सांसद पी. विल्सन के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि तमिलनाडु सरकार ने परिंदूर में प्रस्तावित दूसरे चेन्नई हवाई अड्डे के स्थल को बदलने के लिए अभी तक केंद्र से कोई औपचारिक अनुरोध नहीं किया है।

मोहोल ने बताया कि नागरिक विमानन मंत्रालय (MoCA) ने अप्रैल 2025 में तमिलनाडु औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (TIDCO) को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। TIDCO द्वारा सितम्बर 2024 में प्रस्तुत आवेदन के अनुसार, चरण‑I की अनुमानित लागत लगभग ₹10,500 करोड़ थी।

हवाई अड्डा परियोजना की जिम्मेदारी, जिसमें भूमि अधिग्रहण, फंडिंग और पर्यावरण मंजूरी शामिल हैं, संबंधित हवाई अड्डा विकासकर्ता या राज्य सरकार पर है। वर्तमान में तमिलनाडु सरकार ने परिंदूर हवाई अड्डा परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को रोक दिया है और तक तक कोई आधिकारिक सरकारी आदेश नहीं आया है जिससे परियोजना को पूरी तरह से बंद किया जा सके।

यह निर्णय राज्य के राजनीतिक माहौल को भी दर्शाता है, जहाँ मुख्यमंत्री वी.जी. Vijay ने पहले इस परियोजना को निरस्त करने का सुझाव दिया था, जबकि केंद्र सरकार ने प्रारंभिक स्वीकृति जारी रखी है। इस बीच, स्थानीय जनता और पर्यावरणीय समूहों ने भी इस परियोजना के संभावित प्रभावों पर चर्चा शुरू कर दी है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the delay in finalizing the airport location could impact regional connectivity, investment inflows, and the broader “Make in India” aviation agenda, potentially causing a ripple effect on neighboring states’ infrastructure plans.

“परिंदूर हवाई अड्डा परियोजना का ठहराव राज्य और केंद्र के बीच समन्वय की कमी को उजागर करता है, जो भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास को धीमा कर सकता है।” – भारतीय विमानन विशेषज्ञ डॉ. अनीता रॉय
Did You Know?: परिंदूर स्थल को पहले 2020 में एक खनिज उत्खनन परियोजना के लिए चुना गया था, लेकिन बाद में इसे हवाई अड्डा के लिए पुनः प्रस्तावित किया गया।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या तमिलनाडु सरकार अंततः स्थल परिवर्तन का अनुरोध करेगी?
उत्तर: अभी तक कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिला है, लेकिन राज्य के भीतर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है।

प्रश्न 2: इस परियोजना के विलंब से किन आर्थिक क्षेत्रों को नुकसान हो सकता है?
उत्तर: पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और एयरोस्पेस निर्माण जैसे क्षेत्रों में संभावित निवेश में कमी आ सकती है।