तमिलनाडु के मुख्यमंत्री वी.के. स्त्रीवेल ने विधानसभा में बताया कि परांदूर में द्वितीय हवाई अड्डा बनाना अस्वीकार्य है। राज्य अब वैकल्पिक स्थल पर नया हवाई अड्डा बनाने की योजना तैयार कर रहा है।
- परांदूर में द्वितीय हवाई अड्डा योजना रद्द
- मुख्यमंत्री ने एरियल जरूरतों को नज़रअंदाज़ नहीं किया
- नए हवाई अड्डे के लिये वैकल्पिक स्थल की घोषणा जल्द ही होगी
मुख्य कारण
तमिलनाडु सरकार ने स्थानीय निवासियों के विरोध को दृढ़ता से समर्थन दिया है, जबकि मुख्यमंत्री वी.के. स्त्रीवेल ने कहा कि चेंनई की एयरोनॉटिकल जरूरतें पूरी की जाएँगी। उन्होंने कहा, “परांदूर में हवाई अड्डा बनाना केवल अस्वीकार्य ही नहीं, बल्कि पर्यावरणीय और सामाजिक जोखिमों से भरपूर है।”
वैकल्पिक स्थल की योजना
राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि जल्द ही एक विस्तृत योजना जारी की जाएगी, जिसमें नई जगह पर हवाई अड्डा विकसित करने के लिए तकनीकी और आर्थिक पहलुओं को दर्शाया जाएगा। यह योजना स्थानीय जनसंख्या, उद्योग और पर्यटन के हित में तैयार की जाएगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
परांदूर परियोजना का प्रस्ताव 2010 के दशक में आया था, जब तमिलनाडु ने अपनी हवाई यातायात क्षमता को बढ़ाने के लिए कई संभावित स्थलों की जाँच की थी। शुरुआती चरण में, इस स्थल को स्थानीय किसानों और अनाज भंडारण क्षेत्रों के निकट स्थित होने के कारण विवादास्पद माना गया था। पिछले दशकों में कई बार इस परियोजना को रोका या पुनः मूल्यांकन किया गया, लेकिन अंतिम निर्णय अब स्पष्ट रूप से रद्दीकरण की ओर गया है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the cancellation could reshape regional infrastructure investments, pushing private players to explore greener, community‑friendly airport models across South India.
“परांदूर को छोड़कर वैकल्पिक स्थान चुनना, तमिलनाडु की सतत विकास नीति के साथ तालमेल रखता है,” कहा विशेषज्ञ शशिकांत राव, शहरी योजना के प्रोफेसर।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: नया हवाई अड्डा किस स्थान पर बनाया जाएगा?
उत्तर: सरकार ने अभी आधिकारिक तौर पर स्थल नहीं बताया है, लेकिन संभावित विकल्पों में पेरियावार और कर्नाटक की सीमा के निकट स्थित भू‑भाग शामिल हैं।
प्रश्न 2: परांदूर में रद्दीकरण से स्थानीय लोगों को क्या लाभ होगा?
उत्तर: जमीन का पुनः उपयोग कृषि, उद्योग या आवासीय विकास के लिये किया जा सकता है, जिससे स्थानीय रोजगार और आय में वृद्धि की संभावना है।