दिल्ली सरकार ने 2026 के फायर सर्विस नियमों में संशोधन कर इमारतों के लिए न्यूनतम सुरक्षा मानक निर्धारित किए। हालिया त्रासदियों के बाद लागू किए गए 18 अनिवार्य उपायों में धुआँ‑बाधा, फायर स्टॉप, और आपातकालीन पावर सिस्टम शामिल हैं।

  • 18 विशिष्ट फायर सुरक्षा उपाय अनिवार्य
  • भवन वर्ग और ऊँचाई के आधार पर मानक
  • नियम 28 अगस्त को लागू, मौजूदा आवेदन पर असर नहीं

परिवर्तित नियमों का मुख्य सार

दिल्ली गृह विभाग ने 28 अगस्त को दिल्ली फायर सर्विस (संशोधन) नियम, 2026 को अधिसूचित किया, जिससे इमारतों के लिए न्यूनतम अग्नि रोकथाम और सुरक्षा मानक तय हुए। ये मानक भवन की ऊँचाई और उपयोग वर्ग के अनुसार लागू होंगे और बिल्डिंग बाय‑लॉज द्वारा नियंत्रित होंगे।

नए 18 सुरक्षा उपायों की सूची

इन उपायों में छह मीटर की फायर‑इंजन पहुँच, फायर चेक दरवाज़े, धुआँ‑बाधा, फायर स्टॉप, स्वचालित स्प्रिंकलर, फायर अलार्म, आपातकालीन पावर सप्लाई, फायर टावर और फायर लिफ्ट शामिल हैं। साथ ही, फायर पंप हाउस, जल संग्रहण, एग्जिट साइनज और रिफ्लेक्टिव टेप जैसी सुविधाएँ अनिवार्य की गई हैं।

पिछली त्रासदियों से सीख

जून 2026 में मालवीय नगर होटल में हुई आग में 23 विदेशी नागरिकों सहित कई लोगों की मौत हुई। इस दुखद घटना ने सरकार को कठोर नियमों की ओर प्रेरित किया, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की संभावना घटे।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that Delhi’s stringent fire safety overhaul not only protects lives but also sets a benchmark for other Indian metros, potentially influencing nationwide building codes and insurance premiums.

“इन नियमों से न केवल आपातकालीन प्रतिक्रिया तेज़ होगी, बल्कि भवन मालिकों की जवाबदेही भी बढ़ेगी,” कहा शहरी सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. अर्चना सिंह।
Did You Know?: दिल्ली में 2020‑2022 के बीच 12 बड़ी आग की घटनाएँ दर्ज हुईं, जिनमें से 7 में उचित फायर‑एजेंट की कमी थी।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या पुराने भवनों को भी इन नियमों का पालन करना होगा?

उत्तर: हाँ, यदि मौजूदा बिल्डिंग बाय‑लॉज में सुरक्षा मानक नहीं हैं, तो दिल्ली फायर सर्विस के निदेशक अतिरिक्त उपायों का आदेश दे सकते हैं।

प्रश्न 2: नियम लागू होने के बाद आवेदन प्रक्रिया में क्या बदलाव आएगा?

उत्तर: नियम के लागू होने की तारीख से पहले दायर किए गए आवेदन पुराने मानकों के तहत ही प्रोसेस किए जाएंगे, जबकि नई आवेदन को संशोधित मानकों के अनुसार मान्यता मिलेगी।