मुल्लापेरियार बांध का जल स्तर 122.70 फीट तक पहुंच गया, जबकि वैगई बांध 37.70 फीट पर है। दोनों बांधों में प्रवाह और निकासी की दरें भी सार्वजनिक की गईं, जिससे जल प्रबंधन की स्थिति स्पष्ट हुई।
- मुल्लापेरियार बांध का जल स्तर 122.70 फीट, अधिकतम अनुमत 142 फीट
- वैगई बांध का जल स्तर 37.70 फीट, अधिकतम अनुमत 71 फीट
- पेरियार क्रेडिट में कुल संग्रह 3,883.09 मिलियन क्यूबिक फुट
मदुरै, 29 अगस्त 2026 – द हिन्दू के अनुसार, मुल्लापेरियार बांध में जल स्तर 122.70 फीट पर स्थिर रहा, जबकि अधिकतम अनुमत स्तर 142 फीट है। इस समय प्रवाह 938 क्यूसेकंड और निकासी 800 क्यूसेकंड दर्ज की गई।
वैगई बांध में जल स्तर 37.70 फीट रहा, जहाँ अधिकतम अनुमत स्तर 71 फीट है। यहाँ प्रवाह 332 क्यूसेकंड और निकासी 126 क्यूसेकंड रिपोर्ट की गई।
पेरियार क्रेडिट में संयुक्त संग्रह 3,883.09 मिलियन क्यूबिक फुट (mcft) तक पहुंच गया, जो क्षेत्रीय जल उपलब्धता का महत्वपूर्ण संकेतक है।
पिछले 24 घंटे में सुबह 6 बजे तक दर्ज बारिश 10.6 मिमी रही, मुख्यतः मारुथनाड़ी नदी के किनारे। यह वर्षा जल स्तर को स्थिर रखने में सहायक रही।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि इन दो प्रमुख जलाशयों का स्तर कृषि, जल आपूर्ति और संभावित बाढ़ जोखिमों को सीधे प्रभावित करता है, विशेषकर दक्षिण तमिलनाडु में।
"मुल्लापेरियार और वैगई के वर्तमान जल स्तर जल सुरक्षा नीतियों के पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता दर्शाते हैं," कहा जल विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. अजय राव ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या वर्तमान जल स्तर बाढ़ की संभावना बढ़ाते हैं?
उत्तर: वर्तमान स्तर अनुमत सीमा के भीतर है, लेकिन लगातार बारिश से जोखिम बढ़ सकता है।
प्रश्न 2: जल स्तर में गिरावट का कृषि पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: जल स्तर में कमी से सिंचाई के लिए उपलब्ध पानी घटेगा, जिससे फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है।