बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने 77 पार्कों और आवासीय क्षेत्रों में 1,441 वर्षा जल संचयन पर्कोलेशन कुएँ स्थापित किए हैं, जो सालाना 184.59 मिलियन लीटर जल पुनर्भरण करेंगे। यह ‘वन बिलियन ड्रॉप्स’ पहल 82,300 से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाएगी और शहर की बाढ़ प्रतिरोध क्षमता को मजबूत करेगी।

  • 1,441 पर्कोलेशन कुएँ स्थापित
  • वर्षाना 184.59 मिलियन लीटर जल पुनर्भरण
  • लगभग 82,300 लोगों को लाभ

परियोजना की पृष्ठभूमि

बेंगलुरु कई वर्षों से जल संकट से जूझ रहा है, जहाँ सतही जल स्रोतों की कमी और अत्यधिक शहरीकरण ने भूजल स्तर को घटा दिया है। इस संदर्भ में बीडीए ने जल सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए ‘वन बिलियन ड्रॉप्स (OBD) – पर्कोलेशन कुएँ द्वारा भूजल पुनर्भरण’ परियोजना शुरू की।

कार्यक्रम का कार्यान्वयन

यह परियोजना फरवरी 2025 से फरवरी 2026 तक यूनाइटेड वे ऑफ बेंगलुरु (UWBe) और बीडीए के सहयोग से लागू की गई। कुल 1,441 कुएँ 77 बीडीए पार्कों और आवासीय परिसर में स्थापित किए गए, जिनमें कंक्रीट रिंग, एग्रीगेट पैकिंग, आयरन मेष और सुरक्षा कवर शामिल हैं।

तकनीकी विवरण

प्रत्येक कुआँ लगभग 12 फीट गहरा है और भूवैज्ञानिक तथा GIS‑आधारित मूल्यांकन के बाद उपयुक्त स्थानों पर बनाया गया। इनका उद्देश्य सतही जल बहाव को कम करना, भूजल पुनर्भरण को तेज़ करना और जल‑संकट के समय शहर की लचीलापन बढ़ाना है।

डिजिटल निगरानी पहल

बीडीए ने GreenBengaluruByBDA.in नामक एक डिजिटल मंच भी लॉन्च किया है, जहाँ पेड़‑रोपण, पौधों की सेहत और रख‑रखाव की निगरानी की जा सकेगी, साथ ही स्वयंसेवकों के लिए अवसर और नागरिक प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध होंगे।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that Bengaluru’s rapid urban expansion has outpaced natural recharge zones, making projects like these crucial for long‑term water sustainability and climate resilience.

“हर एक ड्रॉप जो हम पुनर्भरित करते हैं, वह बेंगलुरु के भविष्य को सुरक्षित करता है,” जल विशेषज्ञ डॉ. अंजली सिंह ने कहा।
Did You Know?: बेंगलुरु में स्थापित प्रत्येक पर्कोलेशन कुआँ औसतन 128,000 लीटर वार्षिक जल पुनर्भरण करता है, जो एक औसत परिवार की 5‑वर्षीय जल आवश्यकता के बराबर है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: कुल कितने पर्कोलेशन कुएँ स्थापित किए गए?

उत्तर: 1,441 कुएँ।

प्रश्न 2: इन कुओँ की रख‑रखाव कौन करेगा?

उत्तर: बीडीए के संबंधित विभागों को उनकी देख‑रेख और रख‑रखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।