डहरवाड़ के उप आयुक्त स्नেহल आर. ने एसडीएम कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में प्रथम वर्ष के छात्रों को बड़े सपने देखने और दृढ़ संकल्प के साथ लक्ष्य प्राप्त करने की सलाह दी। उन्होंने जिज्ञासा, विफलताओं से उबरने की लचीलापन और नेतृत्व गुणों को आवश्यक बताया।

  • इंजीनियरिंग छात्रों को बड़े सपने और नेतृत्व कौशल विकसित करने की प्रेरणा दी गई।
  • जिज्ञासा, लचीलापन और प्रभावी संचार को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा माना गया।
  • डहरवाड़ में चार साल की पढ़ाई को प्रयोग, खोज और नवाचार के लिए उपयोग करने का आग्रह किया गया।

डहरवाड़ के उप आयुक्त स्नেহल आर. ने गुरुवार को एसडीएम कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में प्रथम वर्ष के छात्रों के अभिवादन कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों को बड़े सपने देखने, दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करने और अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रेरित किया।

जिज्ञासा और लचीलापन की आवश्यकता

स्नेखल ने कहा, “इंजीनियरिंग केवल शैक्षणिक समस्याओं के समाधान नहीं, बल्कि दैनिक जीवन की चुनौतियों को हल करने की क्षमता भी सिखाती है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि जिज्ञासा और विफलताओं से उबरने का लचीलापन छात्रों को अनिश्चित भविष्य में सफल बनाता है।

नेतृत्व गुणों का विकास

उप आयुक्त ने छात्रों को बताया कि तकनीकी कौशल के साथ-साथ नेतृत्व गुण और प्रभावी संचार कौशल भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। “एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए हमें न केवल तकनीकी ज्ञान, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी समझनी चाहिए,” उन्होंने कहा।

एसडीएम एजुकेशनल सोसाइटी का दृष्टिकोण

एसडीएम एजुकेशनल सोसाइटी के सचिव जीवंदर कुमार ने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश केवल पेशेवर यात्रा की शुरुआत है। उन्होंने छात्रों से चार वर्षों को सीखने, प्रयोग करने, खोज करने और नवाचार करने के लिए पूरी तरह उपयोग करने का आग्रह किया।

कॉलेज प्रशासन की उपस्थिति

कॉलज के प्रिंसिपल विजया सी. ने इस कार्यक्रम का स्वागत किया। डीन केशव जोशी और जे.वी. वडावी, प्रोफेसर एस.एस. केरूर तथा अन्य वरिष्ठ शिक्षकों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that fostering leadership and resilience among engineering students in Karnataka aligns with the state’s push for innovation-driven economic growth, positioning the region as a future hub for technology startups.

“इंजीनियरिंग शिक्षा में नेतृत्व प्रशिक्षण को शामिल करना उद्योग की मांगों के साथ तालमेल बिठाने का सबसे प्रभावी तरीका है,” कहा प्रोफेसर अजय मिश्रा, तकनीकी शिक्षा विशेषज्ञ।
Did You Know?: डहरवाड़ में 2025 में स्थापित किया गया पहला स्मार्ट कैंपस, अब 30 से अधिक तकनीकी कंपनियों को आकर्षित कर रहा है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या इस प्रकार के कार्यक्रम केवल प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए होते हैं?

उत्तर: नहीं, इन कार्यक्रमों को सभी वर्ष के छात्रों के लिए आयोजित किया जा सकता है ताकि निरंतर नेतृत्व विकास सुनिश्चित हो सके।

प्रश्न 2: छात्रों को किस तरह की अतिरिक्त गतिविधियों में भाग लेना चाहिए?

उत्तर: इंटर्नशिप, तकनीकी प्रतियोगिताएं, और सामाजिक सेवा परियोजनाएं छात्रों को व्यापक कौशल विकसित करने में मदद करती हैं।