कैलाबुर्गी जिले में 105.2 करोड़ रुपये के दो बड़े जल संरक्षण एवं सिंचाई प्रोजेक्ट्स को राज्य कैबिनेट ने मंजूरी दी। अलंद तालुके 12 टैंकों को भरने के लिए 56 करोड़ रुपये का लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट और अन्य क्षेत्रों में 49.2 करोड़ रुपये का छोटे‑स्तर के जल‑संकलन कार्य शुरू होगा।
- ₹105.2 करोड़ की दो नई सिंचाई योजनाएँ मंजूर
- अलंद तालुके 12 टैंकों को बौली नदी से जल आपूर्ति
- कैलाबुर्गी में जल‑संचयन एवं भू‑जल पुनर्भरण में बड़ा इजाफ़ा
कैलाबुर्गी जिले के विकास को गति देने के लिए राज्य कैबिनेट ने दो प्रमुख जल‑सिंचाई एवं जल‑संरक्षण परियोजनाओं को मंजूरी दी। यह निर्णय गृह मंत्री एवं जिले के प्रभारी प्रियंक खड़गे ने बेंगलुरु में आयोजित बैठक में बताया।
मुख्य मंत्री डी.के. शिवाकुमार के नेतृत्व में हुई बैठक में 56 करोड़ रुपये मूल्य का लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट, जो अलंद तालुके 12 टैंकों को बौली नदी के जल से भरने के लिये है, को मंजूरी मिली। इस परियोजना में 28.94 मिलियन क्यूबिक फीट (mcft) जल को ऊपर उठाने के लिये पंपिंग सिस्टम, पंप हाउस, पावर सबस्टेशन, पाइपलाइन और वितरण नेटवर्क शामिल होगा।
दूसरी परियोजना के तहत 49.2 करोड़ रुपये के बजट से विभिन्न छोटे‑स्तर के जल‑संरक्षण कार्य किए जाएंगे। इन कार्यों में टैंकों, नालाओं का विकास, चेक डैम निर्माण, तथा नालाओं की गहराई व चौड़ाई बढ़ाकर जल‑संग्रहण एवं भू‑जल रिचार्ज को बढ़ावा देना शामिल है।
इतिहासिक पृष्ठभूमि
कैलाबुर्गी, जो पहले बिडरु के नाम से जाना जाता था, लंबे समय से सूखे‑प्रवण क्षेत्र रहा है। 1990 के दशक में पहली बार बड़े पैमाने पर जल‑संकलन परियोजनाओं की शुरुआत हुई, परन्तु पर्याप्त निधि एवं तकनीकी समर्थन की कमी के कारण कई योजनाएँ अधूरी रह गईं। पिछले दो दशकों में राज्य सरकार ने जल‑सुरक्षा को प्राथमिकता दी है, जिससे अब इस तरह के बड़े निवेश संभव हो पाए हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the approved projects will not only boost agricultural output but also create ancillary employment opportunities in construction and maintenance, thereby strengthening the rural economy of Kalaburagi.
"इन परियोजनाओं से न केवल जल‑संग्रहण बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आय में भी उल्लेखनीय सुधार होगा," जल‑संसाधन विशेषज्ञ डॉ. रजत सिंह ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: इन परियोजनाओं की पूर्णता कब तक अपेक्षित है?
उत्तर: लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट को 2028 तक और छोटे जल‑संरक्षण कार्यों को 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रश्न 2: स्थानीय किसान इन परियोजनाओं से कैसे लाभान्वित होंगे?
उत्तर: टैंकों और नालाओं के विस्तार से जल‑स्रोतों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे फसल के बीजों की बुवाई और दोबारा फसल कटाई संभव होगी।