आंध्र प्रदेश के उप-कमिशन ने प्याज की कीमत ₹35/किलो पर तय की, तूर दाल के 1.20 लाख टन केंद्रीय आवंटन का अनुरोध किया, और पाम ऑयल को सब्सिडी पर उपलब्ध कराने के साथ-साथ नेल्लोरे जिले से 10,000 टन के KNM चावल की खरीद का आदेश दिया।
- प्याज की कीमत ₹35/kg पर तय
- तूर दाल के 1.20 लाख टन केंद्रीय आवंटन का अनुरोध
- KNM चावल के 10,000 टन की खरीद का आदेश
9 सितंबर 2026 को राज्य सचिवालय में आयोजित उप-कमिशन के बैठक में तीन प्रमुख मंत्रियों ने भाग लिया – नागरिक आपूर्ति मंत्री नदेंदला मनोहर, कृषि मंत्री किन्नजरपू अचन्नैदु और वित्त मंत्री पय्यवुला केशव। समिति ने प्याज, तूर दाल और पाम ऑयल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए तात्कालिक कदम उठाने का निर्णय लिया।
प्याज की कीमत को ₹35/किलो पर तय कर उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) से स्टॉक की मांग की गई। यह कदम हाल के महीनों में प्याज की कीमतों में 60% से अधिक वृद्धि के बाद लिया गया है।
तूर दाल की कीमत को नियंत्रित करने हेतु, समिति ने केंद्र सरकार से 1.20 लाख टन दाल के आवंटन का अनुरोध किया। दाल को ग्रामीण बाज़ारों और विशेष काउंटरों के माध्यम से सस्ती कीमत पर बेचा जाएगा, जिससे किसानों और किसानों के बीच संतुलन बना रहेगा।
पाम ऑयल को सब्सिडी पर उपलब्ध कराने के लिए NCCF के माध्यम से प्रोक्योरमेंट की व्यवस्था की गई है, जिससे उपभोक्ताओं को किफ़ायती कीमत पर तेल मिल सकेगा।
नेल्लोरे जिले के चावल मिलरों से 10,000 टन KNM चावल खरीदने का आदेश दिया गया है। यह कदम चावल के कार्यक्रम के विस्तार के रूप में है और 651 विशेष काउंटरों और रितु बाज़ारों के माध्यम से चावल की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।
राज्य सरकार ने QR‑कोड वाले चावल के बैग लॉन्च करने की घोषणा की है, जिससे किसानों को सम्मान और पारदर्शिता मिलेगी। अब तक 10,163 क्विंटल चावल बेचे जा चुके हैं, जिससे लगभग एक लाख उपभोक्ताओं को लाभ मिला है।
उप-कमिशन ने सभी विभागों से लगातार मूल्य, स्टॉक और आपूर्ति की निगरानी करने तथा कृत्रिम कमी से बचने के लिए समन्वित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that such swift interventions are crucial for stabilizing essential commodity markets and preventing inflationary spirals in the state’s economy.
“The intervention signals a proactive stance, but sustained impact requires addressing production bottlenecks.” — Dr. Ravi Kumar, Agricultural Economist
Frequently Asked Questions
1. प्याज की नई कीमत ₹35/kg क्यों तय की गई है?
2. तूर दाल के 1.20 लाख टन केंद्रीय आवंटन से उपभोक्ताओं को कैसे लाभ होगा?