ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने ग्रेजुएट डिप्लोमा (VET) कोर्स में विदेशी छात्रों के नए दाखिलों पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे कोर्स‑हॉपिंग और वीज़ा दुरुपयोग के आरोपों को रोकने का इरादा है। यह कदम हजारों छात्रों को प्रभावित कर रहा है और विश्वविद्यालयों तथा उद्योग समूहों के बीच चर्चा का कारण बन रहा है।
- देशभर में सभी ग्रेजुएट डिप्लोमा (VET) कोर्स में नया विदेशी छात्र प्रवेश प्रतिबंधित
- कारण: कोर्स‑हॉपिंग और वीज़ा दुरुपयोग के संदेह
- हजारों मौजूदा अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अनिश्चितता का सामना
पृष्ठभूमि
ऑस्ट्रेलिया के उच्च शिक्षा विभाग ने हाल ही में एक घोषणा की, जिसमें बताया गया कि अब किसी भी विश्वविद्यालय या टेकरनिकल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (VET) संस्थान में ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्स में विदेशी छात्रों के नए दाखिले नहीं होंगे। यह निर्णय कई महीनों से चल रही जांच के बाद आया, जिसमें छात्रों द्वारा कई कोर्सों में लगातार स्थान बदलने की रिपोर्टें सामने आई थीं।
सरकारी तर्क
सरकार का कहना है कि यह कदम वीज़ा नियमों की कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और शिक्षा प्रणाली को दुरुपयोग से बचाने के लिए आवश्यक है। विदेशियों द्वारा कोर्स‑हॉपिंग को रोकना, जिससे वे कम अवधि के कोर्स लेकर लगातार नई वीज़ा प्राप्त करने की कोशिश करते हैं, प्रमुख कारण बताया गया है।
छात्रों और संस्थानों पर प्रभाव
इस प्रतिबंध से पहले कई विश्वविद्यालयों ने हजारों अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अपने ग्रेजुएट डिप्लोमा प्रोग्राम में स्वीकृति दी थी। अब इन छात्रों को मौजूदा एन्क्रिप्शन को जारी रखने या वैकल्पिक कोर्स खोजने की आवश्यकता होगी। कई शैक्षणिक संस्थानों ने कहा कि यह नीति उनकी आय पर नकारात्मक असर डाल सकती है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय छात्रों से मिलने वाली फीस उनके बजट का बड़ा हिस्सा बनती है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
विदेशी छात्र संगठनों ने इस कदम की निंदा की है और कहा है कि यह छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल रहा है। वहीं, ऑस्ट्रेलियाई व्यापार समूहों ने कहा कि उचित नियमन के बिना शिक्षा उद्योग की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँच सकता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
पिछले कुछ वर्षों में ऑस्ट्रेलिया ने कई बार वीज़ा धोखाधड़ी को रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं, जैसे 2019 में “स्ट्राइक ऑफ़ द फ़ॉरम” स्कीम और 2022 में “विज़ा प्री‑स्क्रीनिंग” प्रक्रिया। ग्रेजुएट डिप्लोमा प्रतिबंध इस प्रवृत्ति का नया अध्याय है, जो शिक्षा को आर्थिक और सामाजिक दोनों दृष्टिकोण से सुरक्षित रखने की कोशिश को दर्शाता है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the ban could reshape Australia’s international education market, which contributes over AUD 40 billion annually to the economy. A prolonged restriction may push prospective students toward alternative destinations such as Canada or the United Kingdom.
"यदि ऑस्ट्रेलिया इस प्रतिबंध को स्थायी बनाता है, तो उसकी शिक्षा निर्यात क्षमता पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा," कहा अंतरराष्ट्रीय शिक्षा विशेषज्ञ डॉ. लारा किम ने।
Frequently Asked Questions
Q1: क्या मौजूदा अंतरराष्ट्रीय छात्र अपने कोर्स जारी रख सकते हैं?
A: हाँ, वर्तमान में नामांकित छात्रों को उनके मौजूदा कोर्स को पूरा करने की अनुमति है, लेकिन नई एन्क्रिप्शन बंद है।
Q2: क्या यह प्रतिबंध सभी VET कोर्सों पर लागू होगा?
A: वर्तमान में यह केवल ग्रेजुएट डिप्लोमा स्तर के कोर्सों पर लागू है; अन्य VET कोर्सों में अभी तक कोई बदलाव नहीं किया गया है।