जैआर नगर, विज़ाग, ने 2010 से हर इमारत में वर्षा जल संचयन पिट अनिवार्य करके पानी की टैंकर पर निर्भरता समाप्त कर दी है। यह मॉडल जल संकट से बचाव का एक उदाहरण बन गया है।
- 1996 से पानी टैंकर पर निर्भरता समाप्त
- 2010 में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग पिट अनिवार्य किया गया
- कुंओं का स्तर अब 80 फीट पर स्थिर
विज़ाग के पुराने वेंकोजिपालम के पास स्थित जैआर नगर, एक बार की छोटी सी अपार्टमेंट गली, 2010 में हर नई इमारत को वर्षा जल संचयन (RWH) पिट से लैस करने का निर्णय लेकर जल संकट से बचाव का एक मॉडल बना।
किसी भी नया घर या अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में निर्माण के दौरान एक RWH पिट खोदने की अनिवार्य शर्त लगाई गई, जिससे वर्षा के पानी को एकत्रित कर भू-जल में पुनः पूर्ति की जा सके। यह पहल तीन अपार्टमेंट से शुरू हुई और अब 20 से अधिक गेटेड कम्युनिटीज़ तक विस्तारित हो चुकी है।
क.एस.आर. मुर्ति, जो कि राष्ट्रीय महासागर विज्ञान संस्थान (NIO) के पूर्व वैज्ञानिक हैं, ने बताया कि मोहल्ले की भौगोलिक स्थिति भी इस सफलता में अहम भूमिका निभाती है। एक पहाड़ी के नीचे होने के कारण वर्षा के पानी का बहाव स्वाभाविक रूप से मोहल्ले की ओर होता है, जिसे उन्होंने 9 उपयुक्त स्थानों पर पिट्स के रूप में इस्तेमाल किया।
रवि राजू, जेसर नगर निवासी वेलफेयर एसोसिएशन के जॉइंट सचिव, ने बताया कि 1996 में जब वे यहाँ आए थे, तब से उन्होंने कभी भी पानी के टैंकर का उपयोग नहीं किया। अब वे 80 फीट गहराई पर पानी की उपलब्धता से संतुष्ट हैं, जिसे रेनवॉटर हार्वेस्टिंग के दीर्घकालिक प्रयासों का सीधा परिणाम माना जाता है।
मोहल्ले ने उपयोग न हो रहे सेप्टिक टैंक्स को भी रेनवॉटर पिट्स में परिवर्तित किया, जिससे पानी की बचत और भी बढ़ी। 2023 में इस समुदाय को वॉटर डाइजेस्ट वर्ल्ड वॉटर अवॉर्ड्स में ‘बेस्ट RWA इन वॉटर मैनेजमेंट’ का पुरस्कार मिला।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, विज़ाग जैसी शहरी क्षेत्रों में भू-जल स्तर लगातार घट रहा है, जिससे निजी टैंकरों पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। जैआर नगर की सफलता यह दिखाती है कि सामुदायिक स्तर पर रेनवॉटर हार्वेस्टिंग अपनाने से न केवल पानी की आपूर्ति स्थिर रहती है, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को भी कम किया जा सकता है।
“समुदायिक स्तर पर वर्षा जल संचयन अपनाने से न केवल स्थानीय जल संसाधन सुरक्षित रहते हैं, बल्कि बाहरी आपूर्ति शृंखलाओं पर निर्भरता भी घटती है।”
Frequently Asked Questions
Q1: रेनवॉटर पिट्स की गहराई और चौड़ाई कितनी होती है?
A1: पिट्स आम तौर पर 6 फीट गहरे और 3 फीट चौड़े होते हैं, जिनमें ग्रैवल, रेत और पत्थरों की परतें होती हैं।
Q2: क्या अन्य समुदाय इस मॉडल को अपना सकते हैं?
A2: हाँ, यदि स्थानीय जलवायु और भू-आकृति उपयुक्त हो, तो कोई भी समुदाय इस पद्धति को लागू कर सकता है।