सुप्रीम कोर्ट ने सेक्शन 60(4) को रद्द कर गोद लेने वाली माताओं को 12 सप्ताह का पेड मातृत्व अवकाश दिया, जबकि पितृत्व अवकाश पर सरकार से कार्रवाई का निर्देश भी दिया। यह फैसला मातृत्व को बायोलॉजी से परे ले जाकर समावेशी परिवार नीति की दिशा में एक नया मील का पत्थर है।
- सुप्रीम कोर्ट ने गोद लेने वाली माताओं को 12 सप्ताह का पेड मातृत्व अवकाश दिया।
- पिता को भी पितृत्व अवकाश पर सरकार से कदम उठाने का निर्देश।
- मातृत्व अवकाश की अवधि 26 सप्ताह (जैविक माताओं) से 12 सप्ताह (गोद लेने वाली) तक बदली गई।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय, जो सेक्शन 60(4) को रद्द करता है, गोद लेने वाली माताओं को 12 सप्ताह का पेड मातृत्व अवकाश देता है, चाहे बच्चा किसी भी उम्र का हो। यह फैसला पितृत्व अवकाश पर भी सरकार से कदम उठाने का निर्देश देता है।
इस निर्णय के पीछे का तर्क यह था कि मातृत्व केवल जैविक संबंध से नहीं, बल्कि भावनात्मक और देखभाल के बंधन से भी परिभाषित होता है। कोर्ट ने कहा कि पेड मातृत्व अवकाश बच्चों के विकास में भावनात्मक बंधन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कई गोद लेने वाली माताएँ, जैसे कि माधुमा वीणकर, ने बताया कि पुरानी नियमों के तहत उन्हें 12 सप्ताह का अवकाश नहीं मिलता था क्योंकि बच्चे तीन महीने से बड़े थे। अब यह बदलाव उनके लिए करियर और परिवार दोनों को संतुलित करने में मदद करेगा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह फैसला न सिर्फ गोद लेने वाली माताओं को लाभ देता है, बल्कि पितृत्व अवकाश पर भी सरकार को कार्रवाई के लिए प्रेरित करता है, जिससे भारत में पारिवारिक नीतियाँ अधिक समावेशी बनेंगी।
“मातृत्व की परिभाषा का विस्तार समाज को अधिक समावेशी और न्यायसंगत बनाता है।”
| मातृत्व अवकाश की शर्तें | जैविक माताएँ | गोद लेने वाली माताएँ |
|---|---|---|
| पेड मातृत्व अवकाश की अवधि | 26 सप्ताह | 12 सप्ताह |
| बच्चे की आयु सीमा | किसी भी आयु | किसी भी आयु |
| कानूनी आधार | मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961 | सामाजिक सुरक्षा कोड, 2020 (सेक्शन 60(4)) |
Frequently Asked Questions
1. क्या गोद लेने वाली माताओं को पेड मातृत्व अवकाश का लाभ अन्य माताओं के समान मिलेगा?
हाँ, गोद लेने वाली माताओं को अब 12 सप्ताह का पेड मातृत्व अवकाश मिलेगा, जो जैविक माताओं के 26 सप्ताह से कम है लेकिन किसी भी आयु के बच्चे के लिए मान्य है।
2. पितृत्व अवकाश के बारे में सरकार से क्या निर्देश है?
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पितृत्व अवकाश पर कदम उठाने का निर्देश दिया है, ताकि पुरुषों को भी मातृत्व अवकाश के समान लाभ मिल सके।