टैंगलुना के जलविज्ञानी मंत्री न. उत्तम कुमार रेड्डी ने सामक्का सागर परियोजना के लिए चत्तीसगढ़ से शीघ्र नॉक की मांग की है, यह सुनिश्चित करते हुए कि राज्य को डूबे हुए जमीन और घरों के लिए पूरा मुआवजा दिया जाएगा। यह परियोजना गोडावरी नदी से 6.94 ट्रिलियन क्यूबिक मीटर पानी संग्रहीत कर सकती है और 30,000 एकड़ तक सिंचाई का लाभ देगी।
- उत्तम ने चत्तीसगढ़ से नॉक की तुरंत माँग की है।
- सामक्का सागर बांध का भंडारण क्षमता 6.94 TMC है।
- परियोजना से 4.40 लाख एकड़ भूमि पर सिंचाई की योजना है।
इंटरस्टेट जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू हुआ है जब टैंगलुना के जलविज्ञानी मंत्री न. उत्तम कुमार रेड्डी ने चत्तीसगढ़ से सामक्का सागर परियोजना के लिए नॉक (NOC) की तात्कालिक माँग की। यह कदम गोडावरी नदी पर 1,143 मीटर लंबी और 59 रैडियल गेट्स वाली बाँध की पूरी क्षमता को सक्रिय करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
बाँध, जिसे तुपकुलगुडे में कन्नैगुडे मंडल के मलुगु जिले में स्थित किया गया है, का डिज़ाइन भंडारण 6.94 ट्रिलियन क्यूबिक मीटर (TMC) है और यह 83 मीटर के पूर्ण भंडारण स्तर पर 46.96 TMC पानी को सिंचाई के लिए मोड़ने का लक्ष्य रखता है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य स्रीराम सागर परियोजना के स्टेज-II के तहत 4.40 लाख एकड़ को स्थिर करना है, जबकि रामप्पा-पाखाल लिंक नहर के माध्यम से 30,000 एकड़ नई कृषि भूमि को भी लाभ पहुँचाना है।
उत्तम के अनुसार, टैंगलुना चत्तीसगढ़ की भूमि और घरों के लिए पूरा मुआवजा देने को तैयार है, और यह पहले से ही 9.88 करोड़ रुपये की राशि चत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग को जमा कर चुका है। पिछले अगस्त में किए गए सर्वेक्षणों ने भंडारण और बाढ़ स्तरों की पुष्टि की है, जबकि LiDAR ड्रोन सर्वेक्षण जारी हैं।
Why This Matters
BozokMedia का विश्लेषण बताता है कि सामक्का सागर परियोजना केवल जल भंडारण से अधिक है; यह क्षेत्रीय कृषि उत्पादकता, ग्रामीण रोजगार और जल आपूर्ति को बदलने की क्षमता रखती है। 59 गेट्स और 6.94 TMC की क्षमता के साथ यह बाँध गोडावरी के बहु-राज्यीय जल अधिकारों पर भी प्रभाव डालेगा।
“इस तरह के बड़े पैमाने पर जलभंडारण परियोजनाएँ न केवल सिंचाई को बढ़ाती हैं बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को भी कम कर सकती हैं,” कहते हैं जल संसाधन विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार।
Frequently Asked Questions
Q1: नॉक प्राप्त करने के बाद बाँध का निर्माण कब शुरू होगा?
A1: निर्माण कार्य आमतौर पर नॉक के बाद 6–12 महीनों के भीतर शुरू हो जाता है, परंतु सटीक समयरेखा अभी निर्धारित नहीं हुई है।
Q2: चत्तीसगढ़ के लिए मुआवजा कैसे वितरित किया जाएगा?
A2: मुआवजा एक सरकारी-निर्धारित स्कीम के तहत भूमि, घरों और अन्य संपत्तियों के मूल्यांकन के आधार पर वितरित किया जाएगा।