गंगा के जल स्तर के गहन बढ़ने से बिहार के 11 जिलों में 19.57 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए। सरकार ने तटबंधों और आपातकालीन टीमों को तैयार किया है।

  • 19.57 लाख लोग 11 जिलों में प्रभावित
  • गंगा का जल स्तर गांधी घाट पर HFL पार
  • एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमें तैनात

गंगा के जल स्तर के लगातार बढ़ने से बिहार के 11 जिलों में 19.57 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। यह आंकड़ा 330 ग्राम पंचायतों और 66 ब्लॉकों में फैला हुआ है, जिनमें पाटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भोगलपुर, बेगुसराई, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अरवल शामिल हैं।

गांधी घाट पर गंगा का जल स्तर Highest Flood Level (HFL) को पार कर गया, जिससे डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में तुरंत चेतावनी जारी की गई। राज्य जल संसाधन विभाग ने बताया कि अगले तीन दिनों में हाथिदाह और उसके बाद के गेज स्टेशनों पर भी इसी तरह की स्थिति देखने की संभावना है।

सुरक्षा और तटबंधों की निगरानी के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारी और फील्ड स्टाफ को लगातार जल स्तर की जांच करने, तटबंधों की स्थिति का निरीक्षण करने और जोखिम वाले निम्न क्षेत्रों में पूर्व-रोकथाम कदम उठाने का आदेश दिया गया है।

डिसास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट (DMD) ने बताया कि 10 राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) टीमों और 27 राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है। इन टीमों का कार्य तेज़ी से राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करना है।

गंडाक, कोसी, सोन, और अन्य नदियों का प्रवाह भी खतरनाक स्तर पर है। गंडाक का डिस्चार्ज 1,29,000 क्यूसेक, कोसी 1,73,255 क्यूसेक और सोन 2,27,717 क्यूसेक पर स्थिर रहा।

मौसम विभाग ने 1,590.6 मिमी औसत वर्षा का आंकड़ा दिया है और अगले दो दिनों में हल्की से मध्यम वर्षा की उम्मीद जताई है।

राहत कार्यों में 110 सामुदायिक रसोईओं का संचालन और 1.98 लाख लोगों को भोजन की सुविधा शामिल है। 1,345 नौकाओं की मदद से पानी में तैरती आबादी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

राष्ट्रवादी जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने केंद्रीय सरकार से बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और 5,000 करोड़ रुपये की विशेष सहायता की मांग की है। उन्होंने एयर फोर्स हेलीकॉप्टरों के उपयोग का भी आह्वान किया है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the scale of the disaster has amplified the already fragile socio-economic fabric of Bihar, threatening agricultural output, disrupting transport networks, and straining public health infrastructure. Immediate federal intervention is critical to mitigate further loss of life and economic damage.

The scale of the disaster demands immediate federal intervention to prevent further loss of life and infrastructure.
Did You Know? The Ganga River's average discharge during this flood season exceeded its historical peak by 12%.

Frequently Asked Questions

Q1: क्या तटबंधों और आपातकालीन टीमों की स्थिति स्थिर है?

A1: सरकार ने तटबंधों की नियमित जाँच और आपातकालीन टीमों को तैयार रखने का निर्देश दिया है, लेकिन क्षेत्रीय परिस्थितियाँ बदलती रहती हैं।

Q2: निवासियों को सहायता कैसे मिल सकती है?

A2: स्थानीय पंचायत कार्यालय, आपातकालीन हेल्पलाइन और DMD द्वारा संचालित राहत केंद्रों से सहायता प्राप्त की जा सकती है।