तेलंगाना सरकार और भारत सरकार ने मिलकर हजारों प्राचीन पांडुलिपियों को पहचानने, संरक्षित करने और डिजिटल रूप में उपलब्ध कराने की पहल शुरू की है। इस प्रयास से शोधकर्ता और छात्र ऐतिहासिक दस्तावेज़ों तक आसानी से पहुँच सकेंगे।
- 6,665 पांडुलिपियों को अब तक स्कैन किया गया
- डिजिटलीकरण से 1.61 लाख पृष्ठ ऑनलाइन उपलब्ध
- निजी संग्रहकों को राजस्व साझेदारी के माध्यम से प्रोत्साहित किया गया
तेलंगाना राज्य अभिलेखागार और अनुसंधान केंद्र ने संस्कृति मंत्रालय के ज्ञान भारत मिशन के साथ समझौता किया है, जिससे प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण, सूचीकरण, संरक्षण और डिजिटलीकरण किया जा रहा है।
सितंबर 9 तक, मिशन टीम ने 6,665 पांडुलिपियों को स्कैन कर 1.61 लाख पृष्ठों को डिजिटल रूप में सहेजा है, जिसका औसत दैनिक स्कैन 1,300 पृष्ठ है। यह प्रयास न केवल सरकारी अभिलेखों बल्कि निजी संग्रहों को भी शामिल करता है, जहाँ संग्रहकर्ता को डाउनलोड राजस्व का बड़ा हिस्सा मिलता है।
डिजिटलीकरण के माध्यम से शोधकर्ता अब मध्यकालीन भारत के मानसबदारी प्रणाली के वंशानुगत होने, घुड़सवारी की हानि, और गंगा स्नान शुल्क जैसी प्रशासनिक विवरणों तक पहुँच सकते हैं। यह दस्तावेज़ों में घुड़सवारी की नस्ल, ब्रांडिंग, और यहाँ तक कि आँखों के आकार (चश्मिश) जैसी सूक्ष्म जानकारी भी मिलती है।
मिशन ने कुल 37 संस्थानों में 2,23,751 पांडुलिपियों की पहचान की है, जिनमें हैदराबाद, नलगोंडा, वारंगल, मुलुगु और मेधचाल के जिले शामिल हैं। राज्य सरकार जिला समन्वय समितियों की स्थापना, फील्ड निरीक्षण और सार्वजनिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से इस पहल को सुदृढ़ कर रही है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that making these manuscripts digitally accessible will not only boost academic research but also enhance cultural tourism, creating new economic opportunities for local communities.
"डिजिटलीकरण से इतिहास का लोकतंत्रीकरण होता है, जिससे हर व्यक्ति को अपने विरासत तक समान पहुँच मिलती है," कहा इतिहास विशेषज्ञ प्रो. अनीता सिंह ने।
निजी संग्रहकों को विश्वास दिलाने के लिए सरकार ने राजस्व‑साझाकरण मॉडल अपनाया है, जहाँ पांडुलिपि डाउनलोड पर 90% राजस्व मालिक को जाता है। यह मॉडल भविष्य में अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल बन सकता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या सभी पांडुलिपियों को मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है?
उत्तर: नहीं, पांडुलिपियों को चार श्रेणियों में बांटा गया है – मुफ्त, पंजीकृत शोधकर्ताओं के लिए, भुगतान‑आधारित और विशेष मंत्रालय अनुमोदन वाली।
प्रश्न 2: निजी संग्रहकों को किस प्रकार का प्रोत्साहन मिलता है?
उत्तर: प्रत्येक डाउनलोड पर संग्रहकर्ता को 90% राजस्व प्राप्त होता है, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ मिलता है।