तमिलनाडु वन मंत्री आर.वी. रंजितकुमार ने कहा कि विभाग 22 दिनों से बच रहे शिकार बाघ को 10‑20 दिनों के भीतर पकड़ने की योजना बना रहा है। सरकार ने मानव‑वन्यजीव टकराव को रोकने के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।

  • गुडालूर में शिकार बाघ को पकड़ने के लिए विभाग 22 दिनों से प्रयासरत
  • सरकार ने मानव‑वन्यजीव टकराव के समाधान हेतु 20 करोड़ रुपये आवंटित
  • प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता और आपूर्ति दी गई

तमिलनाडु वन मंत्री आर.वी. रंजितकुमार ने शुक्रवार को गुडालूर में मीडिया को बताया कि वन विभाग और राज्य सरकार दो लोगों की मौत के बाद शिकार बाघ को पकड़ने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। यह बाघ ओ'वैली इलाके में एक नर बाघ माना जा रहा है।

पिछले महीने ओ'वैली में बाघ ने दो स्थानीय लोगों को मार दिया, जिससे क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल बन गया। मंत्री ने पीड़ित परिवारों के घरों का दौरा किया और आवश्यक आपूर्ति वितरित की।

मंत्री ने बताया कि विभाग ने बाघ को कई बार फँसाने की कोशिश की, परंतु यह 22 दिनों से बच रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले 10‑20 दिनों में बाघ को पकड़ लिया जाएगा और स्थानीय लोगों से धैर्य रखने को कहा।

मानव‑वन्यजीव टकराव को कम करने के लिए सरकार ने 20 करोड़ रुपये का एकीकृत योजना जारी की है। इस योजना में बाघ के ट्रैकिंग, फेंसिंग, और स्थानीय समुदायों को जागरूक करने के कई उपाय शामिल हैं।

गुडालूर में लगभग 50 परिवारों ने वित्तीय सहायता की अपील की थी, जिसे सरकार ने पूरा करने का वादा किया है। साथ ही, स्कूल बच्चों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था और अन्य सुरक्षा उपाय भी लागू किए जाएंगे।

इतिहास में, निकलीगिरी पहाड़ी क्षेत्र में बाघ‑मानव टकराव की कई घटनाएँ दर्ज हैं। पिछले कुछ वर्षों में समान घटनाएँ राज्य के वन संरक्षण नीतियों को पुनः मूल्यांकन करने के लिए प्रेरित कर चुकी हैं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the successful capture of the tiger could set a precedent for handling human‑wildlife conflicts in other biodiverse regions of India, balancing conservation with community safety.

"सही समय पर प्रभावी उपाय बाघ‑मानव टकराव को कम कर सकते हैं, लेकिन निरंतर निगरानी आवश्यक है," कहा वन विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह ने।
Did You Know?: निकलीगिरी में 2020 में भी एक समान बाघ ने दो लोगों को मार दिया था, जिसके बाद राज्य ने बाघ ट्रैकिंग तकनीक में 30% निवेश बढ़ाया।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: बाघ को पकड़ने में विभाग कौन‑सी नई तकनीकें उपयोग कर रहा है?
उत्तर: विभाग ड्रोन, थर्मल कैमरा और GPS ट्रैकिंग के संयोजन से बाघ की पहचान कर रहा है।

प्रश्न 2: प्रभावित परिवारों को किस प्रकार की आर्थिक मदद मिल रही है?
उत्तर: सरकार ने प्रत्येक परिवार को तत्काल राहत के रूप में ₹2 लाख और पुनर्वास के लिए अतिरिक्त सहायता की घोषणा की है।