दिल्ली के लिफ्टेनेंट गवर्नर तरंजीत सिंह संधू ने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके आश्रित परिवारों को 2 लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करने वाली नई योजना को मंजूरी दी। यह योजना आपातकालीन उपचार, व्यावसायिक रोग, मातृत्व देखभाल और पुनर्वास सहित कई सुविधाएँ प्रदान करेगी।

  • 2 लाख रुपये का वार्षिक स्वास्थ्य कवरेज
  • 2.7 लाख पंजीकृत निर्माण श्रमिक लाभान्वित
  • कैशलेस उपचार एवं मोबाइल मेडिकल यूनिट्स

दिल्ली लिफ्टेनेंट गवर्नर तरंजीत सिंह संधू ने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके पात्र आश्रित परिवार सदस्यों के लिए एक नई स्वास्थ्य योजना को अनुमोदित किया, जिसमें प्रत्येक लाभार्थी को वार्षिक 2 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार मिलेगा। यह योजना पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट द्वारा स्वीकृत की गई थी।

योजना के तहत प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक को वार्षिक स्वास्थ्य जांच, आउट‑पेशेंट परामर्श, डायग्नोस्टिक, दवाइयाँ और इन‑पेशेंट उपचार CGHS दरों पर उपलब्ध पैनल अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से मिलेगा।

इमरजेंसी में निकटतम गैर‑पैनल अस्पताल में भी इलाज संभव होगा; ऐसे अस्पताल को आपातकालीन अवधि के लिए प्रावधानिक रूप से पैनल माना जाएगा। कुल परिवार सीमा 10 लाख रुपये प्रतिवर्ष निर्धारित की गई है।

वर्तमान में दिल्ली बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफ़ेयर (DBOCWW) बोर्ड में 2.7 लाख से अधिक निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। यह बोर्ड 2002 में निर्माण नियोक्ताओं से एकत्रित सेस के माध्यम से विभिन्न कल्याण योजनाओं को लागू करता है।

तकनीकी जटिलताओं को देखते हुए योजना को एक प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटिंग एजेंसी (PIA) के माध्यम से तीन साल के लिए लागू किया जाएगा, जिसके बाद प्रदर्शन मूल्यांकन के आधार पर एक साल का विस्तार संभव है।

योजना में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स भी शामिल हैं, जो श्रमिकों को पैनल अस्पतालों तक ले जाने, स्वास्थ्य स्क्रीनिंग करने और जागरूकता बढ़ाने में मदद करेंगे। एक समर्पित सॉफ़्टवेयर प्रणाली लाभार्थी रिकॉर्ड, उपचार इतिहास और क्लेम प्रोसेसिंग को डिजिटल रूप से रखेगी।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that Delhi’s initiative sets a benchmark for urban labor welfare in India, potentially prompting other states to adopt similar high‑value health cover schemes for informal sector workers.

“Such a comprehensive health cover not only safeguards workers’ lives but also enhances productivity across the construction sector,” says Dr. Anjali Mehta, public health expert.
Did You Know?: दिल्ली में पहले भी 2002 में निर्माण श्रमिकों के कल्याण बोर्ड की स्थापना हुई थी.

Frequently Asked Questions

Q1: क्या सभी निर्माण श्रमिक इस योजना के लिए पात्र हैं?

A: केवल वे श्रमिक जो DBOCWW बोर्ड में पंजीकृत हैं और उनके आश्रित परिवार के सदस्य ही पात्र हैं।

Q2: आपातकालीन स्थिति में गैर‑पैनल अस्पताल में उपचार कैसे प्राप्त किया जा सकता है?

A: आपातकाल में निकटतम गैर‑पैनल अस्पताल को प्रावधानिक पैनल माना जाएगा और उपचार कैशलेस रहेगा।