डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (DMK) ने सलाम के फोर्ट मैदान में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता रजेंद्रन, टी.एम. सेल्वगणपति और एस.आर. शिवालिंगम ने मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर तीखा प्रतिवाद किया।
- DMK ने सलाम में मुख्यमंत्री के बयान पर विरोध किया
- राज्य‑व्यापी प्रदर्शन का हिस्सा, आगामी बायपोल में असर की आशंका
- इतिहासकारों ने MISA के दौरान हुए उत्पीड़न को याद दिलाया
सलाम में स्थित फोर्ट मैदान पर 12 सितंबर, 2026 को डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (DMK) ने राज्य‑व्यापी प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा किया। यह प्रदर्शन मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की पार्टी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन पर की गई टिप्पणी के प्रतिकार में आयोजित किया गया।
DMK के वरिष्ठ कार्यकर्ता, पूर्व मंत्री आर. रजेंद्रन तथा जिला सचिव टी.एम. सेल्वगणपति और एस.आर. शिवालिंगम ने भीड़ को जुटाते हुए मुख्यमंत्री के विरुद्ध नारे लगाए। उन्होंने कहा कि विजय ने विधानसभा को "नाटक मंच" में बदल दिया है।
डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी के राज्यसभा सदस्य और उपमहासचिव तिरुची एन. शिवा ने भाषण में कहा, "जनता को अब अपने वोट पर पछतावा है, क्योंकि मुख्यमंत्री ने इतिहास को अनदेखा किया है।" उन्होंने एम.के. स्टालिन की शारीरिक भाषा की नकल करने को "अस्वीकार्य" कहा और बायपोल में विजय को सबक सिखाने का इरादा जताया।
Historical Background
DMK का गठन 1949 में हुआ था और यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से अलग होकर तमिलनाडु में सामाजिक न्याय और भाषा अधिकारों की वकालत करने वाली प्रमुख पार्टी बन गई। 1970 के दशक में एमआईएसए (अवैध रोक) के तहत कई DMK कार्यकर्ताओं को जेल में रखा गया था, जिससे पार्टी के भीतर गहरा दर्द और संघर्ष उत्पन्न हुआ। यह इतिहास आज भी पार्टी के नेतृत्व द्वारा याद किया जाता है, विशेषकर जब विपक्षी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाता है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this protest could reshape voter sentiment ahead of the upcoming by‑elections, especially in constituencies where DMK traditionally enjoys strong grassroots support. The rhetoric between CM Vijay and DMK leader M.K. Stalin may also influence coalition dynamics at the state level.
"यदि मुख्यमंत्री की टिप्पणी को बिना माफी के छोड़ दिया गया तो यह पार्टी के भीतर और भी अधिक असंतोष को जन्म दे सकता है," एक राजनीतिक विश्लेषक ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: इस प्रदर्शन का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर: यह प्रदर्शन मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की एम.के. स्टालिन के बारे में की गई टिप्पणी के जवाब में आयोजित किया गया था, जिसे DMK ने अपमानजनक माना।
प्रश्न 2: क्या यह प्रदर्शन बायपोल परिणामों को प्रभावित करेगा?
उत्तर: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बड़े पैमाने के विरोध से मतदाता भावना पर असर पड़ सकता है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ DMK की जड़ें गहरी हैं।