मायलापूर में महापरियवा मंदिर में अंग्रेजी में लिखी गई नई पुस्तक ‘इन द फुटस्टेप्स ऑफ़ परियवा’ का भव्य विमोचन हुआ। यह ग्रंथ महापरियवा के चमत्कारों और उनके भक्तों को दी गई दिव्य शिक्षाओं को संकलित करता है।
- महापरियवा की अद्भुत शिक्षाओं को संकलित
- स.र. कृष्णन द्वारा अंग्रेजी में लिखी
- गिरी ट्रेडिंग एजेंसी द्वारा प्रकाशित
पुस्तक का परिचय
स.र. कृष्णन, श्री चंद्रशेखरेंद्र सरस्वती महास्वामिगाल के शिष्य, ने ‘इन द फुटस्टेप्स ऑफ़ परियवा’ नामक पुस्तक अंग्रेजी में लिखी है। यह पुस्तक महापरियवा के जीवन‑काल में घटित कई चमत्कारों और उनके आध्यात्मिक मार्गदर्शन को विस्तृत रूप से प्रस्तुत करती है।
विमोचन समारोह
यह पुस्तक 25 अगस्त, 2026 को मायलापूर के महापरियवा मंदिर में आयोजित भव्य समारोह में लॉन्च हुई। पुस्तक का अनावरण प्रसिद्ध आध्यात्मिक प्रवचनकर्ता पी. स्वामीनाथन ने किया, जबकि प्रथम प्रतिलिपि मंदिर के ट्रस्टी गणेश शर्मा ने प्राप्त की। गिरी ट्रेडिंग एजेंसी के निदेशक एस. रामनारायणन, एस. श्रीनिवासन तथा बिक्री प्रमुख अमर गिरीश भी उपस्थित थे।
प्रकाशक एवं सहयोगी
गिरी ट्रेडिंग एजेंसी द्वारा प्रकाशित यह ग्रंथ न केवल महापरियवा के अनुयायियों के लिए, बल्कि व्यापक शैक्षणिक समुदाय के लिए भी एक मूल्यवान स्रोत है। पुस्तक में उद्धृत प्रत्येक चमत्कार का स्रोत विश्वसनीय दस्तावेज़ों पर आधारित है, जिससे इसकी विश्वसनीयता और भी बढ़ती है।
पुस्तक की सामग्री
पुस्तक में कुल 12 अध्याय हैं, जिनमें महापरियवा की बाल्यकाल से लेकर उनके परलोक तक के प्रमुख घटनाक्रम, उनके शिष्यों के साथ संवाद, तथा भक्तों द्वारा अनुभव किए गए चमत्कारों का विस्तृत विवरण दिया गया है। प्रत्येक अध्याय में उद्धरण, चित्र और आध्यात्मिक व्याख्याएँ सम्मिलित हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
महापरियवा, अर्थात् श्री चंद्रशेखरेंद्र सरस्वती महास्वामिगाल, 20वीं सदी के सबसे प्रभावशाली शंकराचार्य थे। उनके कार्यकाल में कई सामाजिक सुधार और धार्मिक पुनरुत्थान हुए। उनका जीवनकाल (1894‑1994) आध्यात्मिक पुनरुत्थान का प्रतीक माना जाता है, और उनकी शिक्षाओं ने भारत एवं विश्व भर में लाखों अनुयायियों को प्रभावित किया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the launch of this English‑language volume marks a strategic outreach to younger, globally‑connected devotees, bridging traditional Vedic wisdom with contemporary readership. The book’s distribution through digital platforms could further amplify Mahaperiyava’s teachings beyond regional boundaries.
डॉ. अजय कुमार, धर्मशास्त्र विशेषज्ञ: "यह पुस्तक भक्तों के लिए मार्गदर्शक प्रकाशस्तंभ है।"
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: इस पुस्तक में कौन‑कौन से चमत्कार वर्णित हैं?
उत्तर: पुस्तक में 30 प्रमुख चमत्कारों का विस्तृत विवरण है, जैसे कि रोग‑मुक्ति, जल‑संकट से मुक्ति, तथा भक्तों के जीवन में आध्यात्मिक परिवर्तन।
प्रश्न 2: क्या यह पुस्तक केवल अंग्रेजी में उपलब्ध है?
उत्तर: वर्तमान में पुस्तक केवल अंग्रेजी में प्रकाशित हुई है, पर भविष्य में हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषाओं में अनुवाद की योजना है।