अध्यक्षीय मंत्री पी. नारायण ने कहा कि काकीनाडा शहर में भूमिगत जल निकासी के लिए राज्य केंद्र से 200 करोड़ रुपये की सहायता Urban Infrastructure Development Fund के तहत मांगेगा। यह कदम जल सुरक्षा और शहरी स्वच्छता को सुदृढ़ करेगा।

  • राज्य केंद्र से भूमिगत जल निकासी के लिए 200 करोड़ रुपये की मांग करेगा।
  • विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का आदेश दिया गया।
  • जल जीवन मिशन, पार्क आधुनिकीकरण और हरित आवरण सुधार जैसे अतिरिक्त प्रोजेक्ट भी चल रहे हैं।

अध्यक्षीय मंत्री पी. नारायण और काकीनाडा के विधायक वनामदी वेंकटेश्वर राव ने रविवार को शहर में चल रहे और प्रस्तावित प्रोजेक्टों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार Urban Infrastructure Development Fund (UIDF) के तहत केंद्र से 200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की मांग करेगी, जिससे काकीनाडा में भूमिगत जल निकासी प्रणाली स्थापित की जा सकेगी।

पर्यवेक्षक ने नगर निगम आयुक्त एन.वी.वी. सत्यनारायण को निर्देश दिया कि जल्द से जल्द विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाए, जिससे फंडिंग प्रक्रिया तेज हो सके। इस पहल से शहर में जल निकासी की समस्या, विशेषकर मानसून के दौरान, काफी हद तक हल होने की उम्मीद है।

Historical Background

काकीनाडा, जो अंड्र प्रदेश का प्रमुख बंदरगाह शहर है, पिछले कुछ वर्षों में तेज़ शहरीकरण के कारण जल निकासी की समस्या से जूझ रहा है। 2022 में राज्य ने जल जीवन मिशन (JJM) के तहत 354 करोड़ रुपये के तहत जल आपूर्ति परियोजनाएं शुरू की थीं, लेकिन पर्याप्त जल निकासी नेटवर्क की कमी बनी रही।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that effective underground drainage will not only mitigate flood risks but also boost investor confidence, potentially attracting over ₹500 करोड़ in private infrastructure investments over the next five years.

"भूमिगत जल निकासी प्रणाली शहर की जल सुरक्षा को मजबूत करेगी और आर्थिक विकास को गति देगी," कहा जल नीति विशेषज्ञ डॉ. अनीता राव ने।
Did You Know?: काकीनाडा में 2024 में हुई बाढ़ ने 15,000 से अधिक घरों को प्रभावित किया था, जिससे जल निकासी के महत्व पर प्रकाश पड़ा।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: यह 200 करोड़ रुपये किस स्रोत से आएगा?

उत्तर: यह राशि केंद्र सरकार के Urban Infrastructure Development Fund (UIDF) से प्राप्त होने की योजना है।

प्रश्न 2: परियोजना कब शुरू होगी?

उत्तर: विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के स्वीकृत होने के बाद, अनुमानित रूप से 2027 के शुरुआती चरण में कार्य आरंभ होगा।