भारत के घरेलू श्रृंखला के पहले मैच में 'वन्दे मातरम्' को राष्ट्रीय गान से पहले बजाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। यह कदम राष्ट्रीय गीत को खेल के मैदान पर नई पहचान देता है।
- पहली बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में राष्ट्रीय गीत 'वन्दे मातरम्' को राष्ट्रीय गान से पहले बजाया गया।
- यह निर्णय भारत के घरेलू श्रृंखला के पहले मैच में लागू होगा।
- घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में राष्ट्रीय गीत को नई पहचान मिली।
नई दिल्ली के अरुण जयती स्टेडियम में 13 सितंबर, 2026 को भारत और अफगानिस्तान के बीच हुए पहले T20 अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान यह ऐतिहासिक बदलाव सामने आया।
\nभारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार, पूरे छह श्लोकों वाला 'वन्दे मातरम्' 3 मिनट 10 सेकंड का आधिकारिक संस्करण बजाया गया, जबकि 'जन गण मन' 52 सेकंड का राष्ट्रीय गान 4 मिनट 2 सेकंड के कुल समय में शामिल हुआ।
\nबीसीसीआई के एक अज्ञात सूत्र ने बताया कि आगे से हर घरेलू श्रृंखला के पहले मैच से पहले 'वन्दे मातरम्' बजाया जाएगा, जिससे राष्ट्रीय गीत का महत्व और भी बढ़ेगा।
\nऐतिहासिक रूप से, 1937 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा चुना गया यह गीत 1950 में संविधान सभा द्वारा राष्ट्रीय गीत के रूप में मान्यता प्राप्त हुआ।
\nइस कदम से क्रिकेट के मैदान पर राष्ट्रीय गीत की परंपरा को नया आयाम मिला है, और भविष्य के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भी इस प्रथा को अपनाने की संभावना बढ़ गई है।
\nWhy This Matters
\nBozokMedia analysis shows कि राष्ट्रीय गीत का खेल के मैदान पर बजना भारतीय पहचान को मजबूती देता है और घरेलू दर्शकों में गर्व की भावना जगाता है।
\n"यह कदम भारतीय राष्ट्रीय पहचान को खेल के स्तर पर उभारता है, जिससे युवा खिलाड़ियों में देशभक्ति की भावना और बढ़ती है।" - राजनिधि शर्मा, खेल पत्रकार\n
Frequently Asked Questions
\nQ1: क्या 'वन्दे मातरम्' को अब हर अंतरराष्ट्रीय मैच में बजाया जाएगा?
\nA1: हाँ, बीसीसीआई ने घोषणा की है कि यह गीत हर घरेलू श्रृंखला के पहले मैच से पहले बजाया जाएगा।
\nQ2: क्या 'वन्दे मातरम्' को अन्य खेल आयोजनों में भी बजाया जाएगा?
\nA2: सरकार की नीति के अनुसार, यह गीत राष्ट्रीय स्तर पर अन्य औपचारिक आयोजनों में भी बजाया जा सकता है।