पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के भारत‑पाकिस्तान संबंधों पर टिप्पणी का कठोर जवाब दिया। उन्होंने भारत को ‘अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेनकाब’ कहा और शांति‑समृद्धि के लिए वार्ता की पुकार की।
- बिलावल ने अनवर इब्राहिम के बयान को भारत की प्रोपेगैंडा कहा
- उन्होंने कहा भारत ने झूठ पर युद्ध शुरू किया और हार गया
- शांति और स्थिरता के लिए दोनों देशों को वार्ता करनी चाहिए
बिलावल भुट्टो की तीखी प्रतिक्रिया
बिलावल भुट्टो-ज़रदारी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के भारत‑पाकिस्तान मुद्दे पर टिप्पणी को ‘प्रोपेगैंडा’ कहकर खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “भारत ने झूठ के आधार पर युद्ध शुरू किया और बुरी तरह हार गया।”
मलेशिया के प्रधानमंत्री का बयान
एनडीटीवी के साथ एक इंटरव्यू में, इब्राहिम ने इज़राइल‑हामास संघर्ष को ‘आतंकवाद’ कहा, परन्तु भारत‑पाकिस्तान के संघर्ष को उसी श्रेणी में नहीं रखा। उन्होंने कहा, “मैं मोदी जी का करीबी दोस्त हूँ, इसलिए इस मुद्दे पर बहुत संवेदनशील हूँ।”
पिछले साल के संघर्ष की झलक
2023 में 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों द्वारा हुए नरसंहार के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंधूर शुरू किया। इस अभियान में पाकिस्तान और पीओके के नौ आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले हुए, जिसके जवाब में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी एयरबेस को नष्ट किया।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत‑पाकिस्तान के बीच कई बार सीमावर्ती झड़पें और पूर्ण‑पैमाने के युद्ध हुए हैं, जिनमें 1999 का कश्मीर युद्ध और 1971 का युद्ध प्रमुख हैं। दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी और जल, कश्मीर, तथा आतंकवाद के मुद्दे लगातार तनाव को बढ़ाते रहे हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that Bilawal’s remarks could reshape diplomatic narratives in South Asia, forcing regional powers to reassess their public statements and back‑channel communications.
“बिलावल का यह बयान दक्षिण एशिया में रणनीतिक संतुलन को फिर से परखता है,” कहा अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विशेषज्ञ प्रो. अली अहमद।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या बिलावल का बयान भारत‑पाकिस्तान संबंधों को और बिगाड़ेगा?
उत्तर: यह संभावित है, लेकिन दोनों देशों के बीच कूटनीतिक चैनल अभी भी खुले हैं और वार्ता की गुंजाइश बनी हुई है।
प्रश्न 2: अनवर इब्राहिम का भारत‑पाकिस्तान पर रुख क्या है?
उत्तर: इब्राहिम ने कहा है कि वह दोनों पक्षों के साथ संवाद को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन सार्वजनिक बयान में सावधानी बरतते हैं।