भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले 48 घंटों तक गुजरात में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की भविष्यवाणी की है और राजकोट, मोरबी व सुरेंद्रनगर में लाल चेतावनी जारी की है। 33 जिलों में पिछले 24 घंटे में औसत 21.84 मिमी बारिश दर्ज हुई, जिससे मानसून कुल 729 मिमी तक पहुँच गया।
- अगले दो दिनों में गुजरात में लगातार भारी बारिश की संभावना
- राजकोट, मोरबी और सुरेंद्रनगर में लाल चेतावनी जारी
- पहले 24 घंटों में 33 जिलों में औसत 21.84 मिमी वर्षा दर्ज
इंडिया मौसम विज्ञान विभाग की नवीनतम चेतावनी
इंडिया मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को कहा कि गुजरात में अगले 48 घंटों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश जारी रहेगी। इस दौरान राजकोट, मोरबी और सुरेंद्रनगर जिलों को लाल चेतावनी दी गई है, जिसका अर्थ है कि स्थानीय प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करनी होगी।
वर्तमान वर्षा आँकड़े
राज्य में 34 में से 33 जिलों ने पिछले 24 घंटों में औसत 21.84 मिमी बारिश दर्ज की है। सोमवार सुबह 6 बजे तक गुजरात ने मौसमी अवधि में कुल 729 मिमी बारिश प्राप्त की, जो औसत वर्षा का 80.23 % है। केवल देवभूमि द्वारका जिले ने 60‑99 % के बीच वर्षा में कमी दर्ज की।
सबसे अधिक बारिश वाले तालुके
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, वलसड़ के कपड़ा, नाना पोंधा और धरमपुर, भरुच के वैलिया तथा सौराष्ट्र के बोटाड के बर्वाला ने सबसे अधिक बारिश दर्ज की। कपड़ा में 113 मिमी, वैलिया में 97 मिमी, नाना पोंधा में 90 मिमी, धरमपुर में 87 मिमी और बर्वाला में 86 मिमी की बारिश हुई।
शहरी क्षेत्रों में प्रभाव
अहमदाबाद के मिथाखाली क्रॉसरोड अंडरपास को सुबह 10:28 बजे बंद कर दिया गया, जबकि अख़बारनगर अंडरपास दोपहर 12:50 बजे बंद किया गया। इन बंदिशों का मुख्य कारण जलभराव और ट्रैफ़िक जाम है।
Historical Background
गुजरात में मानसून आम तौर पर जून से सितंबर तक रहता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में तीव्र और असमान वर्षा पैटर्न देखे जा रहे हैं। 2020 के मानसून में राज्य ने रिकॉर्ड 1,200 मिमी से अधिक बारिश देखी थी, जबकि 2026 में अब तक का कुल 729 मिमी दर्शाता है कि मौसमी स्थिति अभी भी गंभीर है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that prolonged heavy rainfall in Gujarat strains urban drainage infrastructure, heightens flood risk in low‑lying areas, and can disrupt agricultural cycles crucial for the state’s economy.
लगातार वर्षा जल निकासी प्रणालियों को अभिभूत कर सकती है, जिससे शहरी बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: इस तीव्र बारिश के दौरान निवासियों को कौन से सावधानियां अपनानी चाहिए?
उत्तर: जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें, आवश्यक दवाइयां और आपातकालीन किट तैयार रखें, और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
प्रश्न 2: यह वर्षा 2020 के मानसून से कैसे तुलना करती है?
उत्तर: 2020 में एक ही अवधि में अधिकतम 1,200 मिमी तक की बारिश हुई थी, जबकि 2026 में अभी तक 729 मिमी दर्ज है, परन्तु लगातार भारी बारिश से स्थानीय स्तर पर प्रभाव समान है।