चंडीगढ़ विश्वविद्यालय ने इंजीनियरिंग दिवस पर 'बिल्ड समिट 2026' का शुभारंभ किया, जिसमें छात्र और उद्योग के प्रमुख विशेषज्ञों ने मिलकर सीमावर्ती निगरानी के लिए UAVs विकसित करने का वादा किया। यह पहल उड्डयन, रोबोटिक्स और स्वायत्त वाहनों में नवाचार को बढ़ावा देती है।

  • बिल्ड समिट 2026 ने छात्रों को उद्योग के साथ सहयोग का मंच प्रदान किया।
  • UAV विकास के लिए जॉननेट टेक्नोलॉजीज़ के साथ साझेदारी तय हुई।
  • इवेंट में हैकाथॉन, ड्रोन चैलेंज और तकनीकी प्रदर्शनी शामिल थीं।

चंडीगढ़ विश्वविद्यालय ने 15 सितंबर 2026 को इंजीनियरिंग दिवस के अवसर पर 'बिल्ड समिट 2026' का उद्घाटन किया, जिसमें छात्रों और उद्योग के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने नवाचार के क्षेत्र में एकजुट होकर सीमावर्ती निगरानी के लिए अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स (UAVs) के विकास पर चर्चा की।

उद्यम और प्रतियोगिता

समिट के दौरान Aerial Ops – Drone Challenge में हार्री तनवार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि द्वितीय और तृतीय स्थान क्रमशः अरुष सिंह और नवजोश सिंह तथा अनुराग को मिले। इन विजेताओं को जॉननेट टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर सीमावर्ती UAVs विकसित करने का अवसर मिला।

प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी: इनोविसन

इवेंट का मुख्य आकर्षण 'इन्विसन' नामक टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी थी, जिसमें 50 से अधिक नवीन परियोजनाएँ दिखाईं गईं, जैसे कि AeroClairr का स्वायत्त ड्रोन, HydroDrive का सोलर-चार्ज्ड हाइड्रोजन हाइब्रिड वाहन, और StrataCC का 5G एज़ AI नेटवर्क ट्रैफ़िक प्रबंधन समाधान।

Why This Matters

बोजोकमीडिया विश्लेषण दिखाता है कि इस तरह की सार्वजनिक-निजी साझेदारी सीमावर्ती सुरक्षा को तेज़ी से मजबूत कर सकती है और भारतीय विश्वविद्यालयों के अनुसंधान क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर उन्नत कर सकती है।

“UAV तकनीक में यह कदम भारत की स्वायत्त रक्षा क्षमताओं को नई ऊँचाई पर ले जाएगा,” कहते हैं डॉ. आर.के. जैन, पूर्व मुख्य इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी हरियाणा।

इवेंट के अन्य मुख्य अंश

समिट में byteBuilt 1.0 हैकाथॉन भी आयोजित किया गया, जिसमें 41 टीमों ने 135 छात्रों के साथ भाग लिया। पहला पुरस्कार MediSphere को मिला, जो शैक्षणिक परिसरों के लिए AI-संचालित स्वास्थ्य प्लेटफ़ॉर्म है।

इसके अलावा, RC Off-Road Robo Race में टेकाब, विकसित वेगेलिटी और बाबा ग्रुप ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया, और उन्हें उद्योग के साथ स्वायत्त वाहन विकास पर काम करने का अवसर मिला।

Did You Know?: 2015 से भारत ने 200 से अधिक UAV प्रोजेक्ट्स पर काम किया है, जिनमें से 60% रक्षा क्षेत्र में उपयोग के लिए विकसित हो रहे हैं।

Frequently Asked Questions

Q1: UAV परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी और सुरक्षा को बढ़ाना, ताकि सीमा पर होने वाली अवैध गतिविधियों का समय रहते पता लगाया जा सके।

Q2: कौन सा उद्योग भागीदार इस परियोजना में शामिल है?
उत्तर: जॉननेट टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड इस UAV विकास परियोजना का प्रमुख उद्योग सहयोगी है।