खासी संगीत और जैज़ के अनूठे संगम के साथ, गायिका लिली सोवियन ने NESt Fest 2026 में अपनी प्रस्तुति से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी यह यात्रा पारंपरिक लोक संगीत को आधुनिक पहचान दिलाने की एक प्रेरणादायक कहानी है।

  • लिली सोवियन ने दिल्ली के टलकोटोरा स्टेडियम में आयोजित NESt Fest 2026 में शानदार प्रस्तुति दी।
  • वह पारंपरिक खासी संगीत को जैज़ और ब्लूज़ के साथ मिलाकर 'ट्रेडिशनल फ्यूजन' पेश करती हैं।
  • संगीत के साथ-साथ उन्होंने प्लान्ड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी में मास्टर्स की डिग्री भी हासिल की है।

नई दिल्ली के टलकोटोरा इंडोर स्टेडियम में आयोजित नौवें नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स फेस्टिवल (NESt Fest 2026) में शिलांग की प्रतिभाशाली गायिका-गीतकार लिली सोवियन ने अपनी जादुई आवाज से सबका दिल जीत लिया। 'द साउंड ऑफ इंडियाज युवा शक्ति' थीम पर आधारित इस उत्सव का आयोजन एनजीओ 'माय होम इंडिया' द्वारा किया गया था। लिली के लिए यह मंच केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि अपनी जड़ों को देश की राजधानी में प्रदर्शित करने का एक भावुक अवसर था।

लिली की संगीत यात्रा बचपन से ही शुरू हो गई थी। महज तीन-चार साल की उम्र में उन्होंने चर्च क्वायर में गाना शुरू किया, जहाँ उनकी माँ एलिजाबेथ और पिता पीटर खार्नारी (जो एक डॉक्टर हैं) का गहरा प्रभाव रहा। शिलांग के लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल में उनकी शिक्षा के दौरान, कविता लिखने के उनके शौक ने उन्हें एक बेहतर गीतकार बनने में मदद की। उन्होंने अपनी शिक्षा को प्राथमिकता दी और प्लान्ड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी में स्नातकोत्तर (Masters) किया, जो यह दर्शाता है कि कला और विज्ञान का संतुलन उनके व्यक्तित्व का हिस्सा है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि लिली सोवियन जैसे कलाकार पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक अलगावता को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जब संगीत जैसी सार्वभौमिक भाषा का उपयोग किया जाता है, तो क्षेत्रीय सीमाएं धुंधली हो जाती हैं। लिली का 'ट्रेडिशनल फ्यूजन' न केवल खासी संस्कृति को संरक्षित करता है, बल्कि इसे वैश्विक संगीत शैलियों (जैज़ और ब्लूज़) के साथ जोड़कर नई पीढ़ी के लिए आकर्षक बनाता है।

"पूर्वोत्तर की संगीत प्रतिभाएं अब केवल क्षेत्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे भारतीय मुख्यधारा की संस्कृति का केंद्र बन रही हैं।"

लिली की सफलता के पीछे उनकी बहुमुखी प्रतिभा रही है। 2016 में उन्हें पहले मिस चेरी ब्लॉसम के रूप में ताज पहनाया गया, जिसने उन्हें बड़े मंचों पर आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन करने और उद्योग में संबंध बनाने का मौका दिया। उनके लिए प्रेरणा का स्रोत प्रसिद्ध ब्लूज़-रॉक बैंड 'सोलमेट' की टीप्रीति खरबंगर रही हैं। साल 2021 में जब टीप्रीति ने लिली को अगली पीढ़ी की खासी गायिका के रूप में सराहा, तो यह उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जैसे गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सिंधिया ने जोर देकर कहा कि पूर्वोत्तर अब भारत की कहानी के हाशिए पर नहीं, बल्कि उसके केंद्र में है। उत्सव में असम, मेघालय, मिजोरम और नागालैंड सहित कई राज्यों के कलाकारों ने अपनी संस्कृति का प्रदर्शन किया, जिससे दिल्ली एक लघु भारत के रूप में नजर आई।

क्या आप जानते हैं?: लिली सोवियन ने अपनी संगीत यात्रा 2011 में शुरू की थी, लेकिन उन्होंने अपनी अकादमिक योग्यता को कभी पीछे नहीं छोड़ा और विज्ञान में मास्टर्स डिग्री पूरी की।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: लिली सोवियन किस तरह का संगीत गाती हैं?
उत्तर: लिली 'ट्रेडिशनल फ्यूजन' गाती हैं, जिसमें वह पारंपरिक खासी लोक संगीत को जैज़ और ब्लूज़ जैसी आधुनिक शैलियों के साथ मिलाती हैं।

प्रश्न 2: NESt Fest 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: इस उत्सव का उद्देश्य पूर्वोत्तर के छात्रों और कलाकारों को एक मंच प्रदान करना और भारत की मुख्यधारा के साथ उनके सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना था।